सोशल संवाद / डेस्क : ओमान (मस्कट) में फंसी झारखंड की प्रवासी श्रमिक प्रीति कुजूर आखिरकार सुरक्षित अपने वतन लौट आई हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य सरकार, प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष और भारतीय दूतावास के संयुक्त प्रयास से यह रेस्क्यू मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया। लंबे समय से विदेश में मुश्किल हालात का सामना कर रही प्रीति की सुरक्षित वापसी के बाद उनके परिवार ने राहत की सांस ली है।

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सोशल मीडिया से सामने आया मामल
जानकारी के मुताबिक, सिमडेगा जिले की रहने वाली प्रीति कुजूर ओमान के मस्कट में काम के सिलसिले में गई थीं। वहां किसी कारणवश वह फंस गईं और भारत लौटने में असमर्थ थीं। इस दौरान उनका मामला सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आया। जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री कार्यालय ने पूरे मामले का संज्ञान लिया और तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएम के निर्देश पर शुरू हुआ रेस्क्यू मिशन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद झारखंड सरकार के राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने सक्रिय भूमिका निभाई। भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया गया। सभी जरूरी दस्तावेजी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद प्रीति कुजूर की सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित की गई।
परिवार ने जताया सरकार का आभार
प्रीति कुजूर के झारखंड लौटने की खबर मिलते ही उनके परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। परिवार के सदस्यों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य सरकार, भारतीय दूतावास और सभी संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सरकार की तत्परता और समय पर की गई पहल की बदौलत उनकी बेटी सुरक्षित घर लौट सकी।
प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए सरकार सक्रिय
झारखंड सरकार का कहना है कि विदेशों या अन्य राज्यों में किसी भी प्रकार की परेशानी में फंसे प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष लगातार काम कर रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि संकट की स्थिति में किसी भी प्रवासी श्रमिक को अकेला न छोड़ा जाए और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
पहले भी कई श्रमिकों की हो चुकी है मदद
राज्य सरकार समय-समय पर विदेशों और देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे झारखंड के श्रमिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करती रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी प्रवासी श्रमिक या उसके परिवार को किसी तरह की परेशानी हो तो वे राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।प्रीति कुजूर की सुरक्षित वापसी एक बार फिर यह दिखाती है कि समय पर सूचना मिलने और संबंधित एजेंसियों के बेहतर समन्वय से विदेश में फंसे लोगों को भी सुरक्षित घर लाया जा सकता है।
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