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झारखंड पुलिस में बड़ा फैसला: अब सभी अनुसंधानकर्ताओं को मिलेगा स्मार्टफोन, नया आदेश जारी

By Riya Kumari

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झारखंड पुलिस में बड़ा फैसला अब सभी अनुसंधानकर्ताओं को मिलेगा स्मार्टफोन, नया आदेश जारी

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सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड पुलिस मुख्यालय ने अनुसंधान कार्य कर रहे पुलिस अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। नए आदेश के तहत अब राज्य में वर्तमान में कार्यरत सभी अनुसंधानकर्ताओं (Investigating Officers) को विभाग की ओर से स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाएगा। यह निर्णय पुलिस कार्यों को अधिक डिजिटल और तेज बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

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पहले के नियमों से कई अधिकारी रह गए थे वंचित

इससे पहले 17 मार्च 2025 को जारी आदेश में कुछ शर्तें रखी गई थीं। इसके अनुसार वही अनुसंधानकर्ता स्मार्टफोन पाने के पात्र थे जिनकी सेवा की पुष्टि हो चुकी हो और जिनकी सेवा अवधि में कम से कम चार साल बाकी हों। साथ ही पिछले दो वर्षों से लगातार अनुसंधान कार्य करने की शर्त भी लागू थी। इन नियमों के कारण कई जिलों में कई अधिकारी इस सुविधा से वंचित रह गए थे।

समीक्षा के बाद नियमों में किया गया संशोधन

मामले की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी संकल्प में ऐसी अतिरिक्त शर्तें नहीं थीं। इसी के बाद पुलिस मुख्यालय ने पुराने आदेश में संशोधन करते हुए नियमों को सरल बनाने का फैसला किया।

अब सभी कार्यरत अनुसंधानकर्ताओं को मिलेगा फोन

नए निर्देश के अनुसार अब राज्य में जो भी पुलिस पदाधिकारी वर्तमान में अनुसंधान कार्य कर रहे हैं, उन्हें विभागीय प्रावधान के तहत स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि जिन अधिकारियों की सेवा अवधि छह महीने से कम बची है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

सेवा समाप्त होने पर फोन जमा करना होगा

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई अधिकारी त्यागपत्र देता है, सेवानिवृत्त होता है या बर्खास्त होता है, तो उसे यह स्मार्टफोन विभाग की संपत्ति शाखा में जमा कराना होगा और इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा।

मूल्यह्रास के आधार पर फोन रखने की अनुमति

यदि कोई अधिकारी सेवा समाप्ति के बाद फोन अपने पास रखना चाहता है, तो इसके लिए विभाग द्वारा तय Depreciation Value (मूल्यह्रास) के आधार पर भुगतान कर फोन को अपने नाम पर ट्रांसफर कराया जा सकता है।

झारखंड पुलिस का यह फैसला अनुसंधान प्रक्रिया को डिजिटल और तेज बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्मार्टफोन मिलने से अधिकारियों को ऑनलाइन दस्तावेज़, केस अपडेट और संचार में आसानी होगी, जिससे जांच कार्य की गति भी बढ़ेगी।

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