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Jharkhand SIR: दूसरे राज्य के दस्तावेज भी मान्य, जानें Voter Verification के नियम

By Tamishree Mukherjee

Updated On:

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Jharkhand SIR 2026
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सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। अगर कोई व्यक्ति झारखंड में रहता है, लेकिन उसका जन्म या पूर्व निवास किसी दूसरे राज्य में रहा है, तो वह सत्यापन के दौरान संबंधित राज्य में जारी दस्तावेज भी प्रस्तुत कर सकता है।

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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे दस्तावेजों का झारखंड से ही जारी होना जरूरी नहीं है। मतदाता अपने जन्म, आयु या पारिवारिक संबंधों के सत्यापन के लिए दूसरे राज्य से जारी मान्य दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं।

SIR के लिए क्या है जरूरी?

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, झारखंड की मतदाता सूची में नाम शामिल होने के लिए तीन प्रमुख शर्तें पूरी करना जरूरी है। व्यक्ति भारत का नागरिक हो, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी हो और निर्धारित अर्हता तिथि पर उसकी उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी हो। वर्तमान SIR के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित है।

दूसरे राज्य के दस्तावेज भी किए जा सकते हैं पेश

झारखंड की मतदाता सूची में ऐसे कई लोग शामिल हैं, जिनका जन्म या पहले का निवास किसी अन्य राज्य में रहा है। यदि दावा-आपत्ति या सुनवाई के दौरान ऐसे मतदाताओं को उम्र, जन्म स्थान या अन्य जानकारी के सत्यापन के लिए दस्तावेज जमा करने का नोटिस मिलता है, तो वे अपने संबंधित राज्य से जारी दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके लिए दस्तावेज का झारखंड से जारी होना अनिवार्य नहीं है।

कौन-कौन से दस्तावेज मान्य हो सकते हैं?

मतदाता अपने जन्म स्थान, आयु और पारिवारिक संबंध साबित करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा SIR के तहत निर्धारित मान्य दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं।

इनमें वंशावली, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी पारिवारिक सूची, खतियान और शैक्षणिक दस्तावेज समेत अन्य निर्धारित दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। दूसरे राज्य से जारी दस्तावेज भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्वीकार किए जा सकते हैं।

नोटिस मिलने पर सुनवाई में जरूर जाएं

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि यदि उन्हें SIR के तहत कोई नोटिस मिलता है, तो वे निर्धारित समय पर सुनवाई में उपस्थित हों और अपने पास उपलब्ध मान्य दस्तावेज प्रस्तुत करें। दस्तावेजों की जांच संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

पात्र मतदाता न छूटे, अपात्र नाम भी हटें

निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों का नियमों के अनुसार परीक्षण किया जाए और पात्रता के संबंध में निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्णय लिया जाए।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे, वहीं किसी अपात्र या विदेशी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।

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