सोशल संवाद / रांची: झारखंड में चल रहे Special Intensive Revision (SIR) के दौरान मतदाता सूची में नाम और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज हो गई है। दूसरे राज्यों में जारी किए गए दस्तावेजों को भी जांच के लिए संबंधित अधिकारियों के पास भेजा जा रहा है। दस्तावेजों की सत्यता की पुष्टि होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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दूसरे राज्यों के दस्तावेजों का भी होगा सत्यापन
SIR की सुनवाई के दौरान जिन मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस मिला है, वे निर्धारित मानकों के अनुसार दूसरे राज्यों में जारी दस्तावेज भी प्रस्तुत कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, यदि किसी मतदाता का जन्म या पूर्व निवास दूसरे राज्य में रहा है, तो वहां से जारी संबंधित दस्तावेज भी मान्य हो सकते हैं।
ऐसे दस्तावेजों को संबंधित विभाग या अधिकारी से सत्यापित कराया जाएगा। यानी केवल दस्तावेज जमा कर देने से प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, बल्कि उसकी वैधता की भी जांच होगी।
एक-एक दस्तावेज की हो रही जांच
साहिबगंज में SIR की प्रक्रिया के दौरान जमा किए गए दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर जिला स्तर पर विशेष जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, सुनवाई में प्राप्त दस्तावेजों को सत्यापन के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी के स्तर पर भेजा जा रहा है। दूसरे राज्यों से संबंधित दस्तावेजों के मामले में उन्हें राज्य स्तर पर सत्यापन के लिए भेजने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
इसका उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज विवरण की वास्तविकता की पुष्टि करना है।
किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है?
SIR के दौरान नोटिस मिलने पर मतदाताओं को अपनी नागरिकता, जन्मतिथि, निवास या अन्य संबंधित विवरण के समर्थन में निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं। दूसरे राज्य से जुड़े मतदाताओं के लिए वहां जारी वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत करने का प्रावधान बताया गया है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी।
फर्जी दस्तावेज मिलने पर होगी कार्रवाई
SIR के दौरान फर्जी दस्तावेज तैयार करने या उनका इस्तेमाल करने को लेकर निर्वाचन अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने फर्जी प्रमाण-पत्र बनाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
वहीं, अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम केवल दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया के कारण नहीं काटा जाएगा। दस्तावेजों की सत्यता और पात्रता की जांच के बाद ही संबंधित मामले में निर्णय लिया जाएगा।
SIR में दस्तावेज सत्यापन क्यों महत्वपूर्ण?
SIR का उद्देश्य मतदाता सूची में पात्र मतदाताओं का नाम सुनिश्चित करना और रिकॉर्ड में मौजूद विसंगतियों की जांच करना है। झारखंड में दावा-आपत्ति और सुनवाई की प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों को पहचान, जन्मतिथि, सामान्य निवास और अन्य विवरणों की जांच करनी है।
ऐसे में दूसरे राज्यों से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन भी SIR की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।












