सोशल संवाद/डेस्क : हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक की खंडपीठ ने 24 भवनों के अवैध हिस्से को तोड़ने का आदेश दिया है। बुधवार को भवन मालिकों की ओर से दायर याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। इसका आदेश गुरुवार को हाईकोर्ट से जेएनएसी पहुंचा। जिला प्रशासन को भी आदेश की कॉपी मिली है। ऐसे में प्रशासन द्वारा हाईकोर्ट के आदेश पर अगले 48 घंटे के भीतर वैसे 24 भवनों के ढांचे को तोड़ने के लिए तैयारी कर रहा है। जेएनएसी के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने इसे लेकर जिला प्रशासन से मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की मांग की है।
ये भी पढे : बजट 2026-27: ‘विकसित भारत’ के लिए बड़े और साहसी सुधारों की जरूरत एस. के. बेहरा
उप नगर आयुक्त ने भवनों के अवैध हिस्से को तोड़ने के लिए मजिस्ट्रेट बहाल कर अभियान चलाने की मांग की है। ऐसे में माना जा रहा है कि अगले दो दिनों के अंदर अवैध हिस्से को तोड़ने की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं दूसरी ओर भवन निर्माता भी अवैध हिस्से को तोड़कर गिराने के आदेश के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी की है। इसे लेकर 24 भवन निर्माताओं की बैठक साकची एसएनपी एरिया स्थित एक होटल में हुई। इसमें हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की कोर्ट द्वारा अवैध हिस्से को दो दिनों के अंदर तोड़ने के आदेश देने की समीक्षा की गई। साथ ही भवन मालिकों के ग्रुप ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। शुक्रवार को उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जा सकती है।










