सोशल संवाद / डेस्क : रांची में JPSC-JSSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का आंदोलन एक बार फिर चर्चा में है। छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर भर्ती से जुड़े मामलों में सरकार की ओर से कोर्ट में कमजोर पैरवी की गई, तो आंदोलन को फिर तेज किया जाएगा। उन्होंने 24 सितंबर से नेमरा से ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ निकालने का ऐलान किया है।
सरकार की पैरवी पर उठाए सवाल
JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच की ओर से रांची में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने राज्य की भर्ती व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अदालत में छात्रों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों का मजबूत पक्ष नहीं रख रही है।
महतो का कहना है कि झारखंड में भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों के बीच लंबे समय से नाराजगी है। उनका आंदोलन केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पूरी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की मांग कर रहे हैं।
24 सितंबर से निकलेगी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा
देवेंद्रनाथ महतो ने ऐलान किया कि अगर सरकार की ओर से अपेक्षित तरीके से पैरवी नहीं की गई, तो 24 सितंबर से नेमरा से ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ शुरू की जाएगी। इस यात्रा के जरिए छात्रों की मांगों को राज्यभर में उठाने की तैयारी है।
उन्होंने साफ किया कि छात्रों का संघर्ष भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने तक जारी रहेगा।
JPSC-JSSC विवाद में पहले भी हुई है बातचीत
JPSC और JSSC भर्ती विवाद को लेकर छात्र प्रतिनिधियों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विशेषज्ञ संस्थानों की मदद लेने की बात कही थी। हालांकि, छात्रों की कुछ प्रमुख मांगों को लेकर अभी भी असहमति बनी हुई है।
छात्रों की मांगों में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, अनियमितताओं की जांच और भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे हैं।
आंदोलन खत्म नहीं, आगे भी जारी रहेगा संघर्ष
छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो पहले भी कह चुके हैं कि सिर्फ जांच या आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें पेपर लीक और धांधली की कोई गुंजाइश न रहे।
फिलहाल छात्रों की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और अदालत में होने वाली पैरवी पर है। अगर छात्रों को सरकार का रुख संतोषजनक नहीं लगा, तो 24 सितंबर से प्रस्तावित यात्रा आंदोलन का अगला बड़ा चरण बन सकती है।









