सोशल संवाद /डेस्क : झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और पारदर्शिता को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। इसी बीच अब बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को लेकर भी राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है।
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तेजस्वी यादव बिहार में युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार निशाना साधते रहे हैं। ऐसे में जब झारखंड में भी छात्र भर्ती परीक्षाओं को लेकर सड़कों पर हैं, तो उनसे इस आंदोलन को लेकर सवाल किया गया।
लेकिन झारखंड के छात्रों के सवाल पर तेजस्वी यादव ने कोई विस्तृत जवाब नहीं दिया। उन्होंने “कल बात करेंगे” कहकर सवाल को टाल दिया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई कि बिहार में छात्रों की आवाज उठाने वाले तेजस्वी झारखंड के छात्र आंदोलन पर खुलकर क्यों नहीं बोल रहे हैं।
झारखंड में क्यों आंदोलन कर रहे हैं छात्र?
JPSC और JSSC की परीक्षाओं को लेकर झारखंड के छात्र लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और कई अनियमितताओं ने उनकी परेशानी बढ़ाई है।
छात्र चाहते हैं कि उनकी शिकायतों पर सरकार गंभीरता से विचार करे और परीक्षा व्यवस्था को लेकर स्पष्ट जवाब दिया जाए।
हाल ही में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
तेजस्वी से सवाल इसलिए भी अहम
तेजस्वी यादव खुद बिहार में बेरोजगारी, नौकरी और छात्र मुद्दों को लेकर मुखर रहे हैं। ऐसे में झारखंड के छात्रों के आंदोलन पर उनकी प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि, यह भी साफ है कि तेजस्वी ने झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर समर्थन से इनकार नहीं किया है। उन्होंने सिर्फ सवाल का जवाब बाद में देने की बात कही थी।
अब अगले बयान का इंतजार
झारखंड में छात्र आंदोलन और सरकार के बीच बातचीत का दौर आगे बढ़ रहा है। इसी बीच सबकी नजर अब तेजस्वी यादव के अगले बयान पर है।
क्या वह झारखंड के छात्रों की मांगों पर खुलकर अपनी राय रखेंगे या फिर इस मुद्दे से दूरी बनाए रखेंगे? फिलहाल, तेजस्वी का छोटा सा जवाब ही झारखंड की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।









