सोशल संवाद / रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार ने मंथन तेज कर दिया है। आयोग के पूर्व अध्यक्ष के इस्तीफे और 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को लेकर उठे विवाद के बीच नए अध्यक्ष को नियुक्ति को सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों में माना जा रहा है। सरकार के समक्ष सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के क्ईनाम चर्चा में हैं, वहीं पूर्व मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने भी इस संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव सरकार तक पहुंचाए हैं।

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मीडिया रिपोर्ट्स में इसका उल्लेख है। झारखंड कैडर के 1985 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं राज्य के पूर्व मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी नेप्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर युवाओं में बढ़ते अविश्वास पर चिंता जताते हुए कहा है कि यदि ईमानदार और अनुभवी अधिकारियों को जेपीएससी और जेएसएससी जैसी संस्थाओं की जिम्मेदारी देकर स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिले तो इन संस्थाओं में व्यापक सुधार संभव है। उन्होंने सरकार को संतोष सतपथी, सुखदेव सिंह, एन.एन. सिन्हा, आई.एस. चतुर्वेदी, मुखमौत भाटिया और शैलेश सिंह जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सुझाए हैं। उन्होंने एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का सुझाव भी दिया है।
नए अध्यक्ष पर टिकी 14वीं जेपीएससी परीक्षा की दिशाः 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा का भविष्य भी नए अध्यक्ष की नियुक्ति से जुड़ामाना जा रहा है। आयोग ने मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी है। मामले की जांच सीआईडी कर कंस रही है और प्रकरण झारखंड हाईकोर्ट में भी लंबित है। ऐसे में प्रतियोगी छात्रों की आ नजर इस बात पर है कि नए अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद आयोग 14वीं संयुक्त हो सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर क्या निर्णय लेता है। अंतिम फैसला न्यायालय की सुनवाई और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही संभव माना जा रहा है।
सरकार में जेपीएससी के रिफार्म पर भी मंथन
सरकार में इस बात को लेकर भी मंथन जारी है कि जेपीएससी को फुलप्रूफ बनाने के लिए इसका रिफार्म किया जाए, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी नौबत ही नहीं आए। इसके लिए पूरी परीक्षा प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक और ज्यादा पारदर्शी बनाना होगा। पूरी प्रक्रिया में मानव हस्तक्षेप को समाप्त करना होगा। जानकारी के अनुसार हेमंत सरकार सख्त कदम उठाने के साथ एक दूरदर्शी विजन के साथ सामने आ सकती है। इस बार जेपीएससी अध्यक्ष के चयन को लेकर सरकार तमाम पहलुओं पर विमर्श कर रही है।









