सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड के Combined Graduate Level (CGL) परीक्षा पेपर लीक मामले से जुड़ा एक बड़ा विकास सामने आया है। Jharkhand High Court ने उस आरोपी को रेगुलर जमानत प्रदान कर दिया है, जिसे कथित पेपर लीक के बारे में “गलत कहानी फैलाने” के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसे सीधे पेपर लीक का सबूत नहीं मिला, बल्कि आरोप केवल अफवाह फैलाने तक सीमित थे।
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क्या है मामला?
यह मामला Jharkhand Staff Selection Commission (JSSC) द्वारा आयोजित CGL परीक्षा 2024 से जुड़ा है। परीक्षा के बाद कुछ उम्मीदवारों ने पेपर लीक होने का दावा किया और सोशल मीडिया तथा चर्चाओं में यह बात तेजी से फैल गई। इसी संदर्भ में एक व्यक्ति समाज में अफवाह फैलाने के आरोप में गिरफ्तार हुआ था।
हाईकोर्ट ने क्यों दी जमानत?
कोर्ट ने आरोपी संतोष कुमार को यह कहते हुए जमानत दी कि आरोपपत्र के अनुसार वह सीधे पेपर लीक में शामिल नहीं था, बल्कि उसने तथाकथित लीक के बारे में “बुनियादहीन” बातें फैलाई थीं। जमानत के लिए कोर्ट ने ₹25,000 के बांड और समान राशि की दो जमानतदार जमा करने की शर्त रखी है।

जांच और विवाद की पूरी कहानी
- JSSC की CGL परीक्षा सितंबर 2024 में कई केन्द्रों पर आयोजित की गई थी।
- कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पेपर लीक हुआ है, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे।
- झारखंड उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन साथ ही SIT द्वारा जांच जारी रखने का निर्देश दिया था।
- CID ने कई लोगों को गिरफ्तार किया था, लेकिन अब यह स्पष्ट हुआ कि वास्तविक पेपर लीक का सबूत नहीं मिला।
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया और परिणाम
जब परीक्षा के संबंध में पेपर लीक की बातें पहले फैली थीं, तो रांची समेत पूरे झारखंड में छात्रों और यूनियनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की थी। कुछ छात्रों ने राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा था, जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील शामिल थी।
इस विवाद के बाद अंतिम परिणाम जारी करने में देरी भी हुई थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद अब परिणाम प्रकाशित कर दिए गए हैं और नियुक्तियां जारी हैं। JSSC CGL पेपर लीक मामले में आरोपी को जमानत मिलना एक बड़ा अपडेट है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि कोर्ट ने कहानी फैलाने और वास्तविक लीक में अंतर समझा। इस तरह के मामलों में साक्ष्य आधारित जांच और निष्पक्ष न्याय दोनों महत्वपूर्ण होते हैं ताकि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।










