सोशल संवाद/डेस्क: झारखंड हाईकोर्ट ने पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर (PGT) नियुक्ति में आरक्षण से जुड़े मामले की बुधवार को सुनवाई की। इसमें JSSC को याचिका दायर करने वाले अभ्यर्थियों की योग्यता और मेरिट के आधार पर नियुक्ति पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

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याचिका मनोज वर्मा समेत 100 से अधिक अभ्यर्थियों ने दायर कराई है। सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से बताया गया कि वर्ष 2023 में जेएसएससी द्वारा नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन में बीसी-2 वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित रिक्तियों की संख्या कम दर्शायी गई थी।
साथ ही राज्य सरकार की आरक्षण नीति की अनदेखी करते हुए बीसी-2 कोटे के पदों में कटौती कर दी गई थी। इसको लेकर कई पात्र अभ्यर्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। याचिका में पूरे मामले में अभ्यर्थियों के हितो के निर्णय सुनाने का आग्रह किया गया था।
सुनवाई के दौरान जेएसएससी ने भी स्वीकार किया कि आरक्षण निर्धारण में त्रुटि हुई थी और बीसी-2 कोटे में 100 से अधिक पद कम दर्शाए गए थे। आयोग ने इसके पीछे विभिन्न तर्कों का का हवाला दिया था। आदलत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आयोग को इस बारे में निर्णय लेने का आदेश दिया।









