सोशल संवाद / जमशेदपुर : जमशेदपुर के युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण ने एक बार फिर शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। इस हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग केस ने न सिर्फ पुलिस महकमे, बल्कि पूरे कारोबारी जगत की चिंता बढ़ा दी है।
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इस मामले में जांच की शक की सुई कुख्यात अपराधी चंदन सोनार पर आकर टिक गई है, जिसे अपराध की दुनिया में ‘किडनैपिंग किंग’ के नाम से जाना जाता है। बताया जा रहा है कि चंदन सोनार बिहार, झारखंड समेत देश के करीब 12 राज्यों की पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
खुफिया सूत्रों के अनुसार, चंदन सोनार का मजबूत नेटवर्क रांची, जहानाबाद और हाजीपुर में सक्रिय है। झारखंड, खासकर रांची में उसके गिरोह की कमान राकेश सिंह नामक अपराधी संभाल रहा है। इसी वजह से पुलिस की जांच का दायरा अब कई राज्यों तक फैल गया है।
कौन है चंदन सोनार?
बिहार के वैशाली जिले का रहने वाला चंदन सोनार खुद को फिल्म ‘डॉन’ के डायलॉग “डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है” का असली किरदार मानता है। उसकी सबसे बड़ी ताकत है भेष बदलने की कला।
कभी वह चंद्रमोहन बनकर मध्य प्रदेश में होटल चलाता है, तो कभी खुद को बड़ा व्यापारी बताकर रसूख बना लेता है। पहचान बदलने में माहिर यह अपराधी कई बार पुलिस के सामने रहते हुए भी हाथ नहीं आता।
फिलहाल पुलिस इस एंगल से गहन जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कैरव गांधी अपहरण केस से पर्दा उठेगा।










