सोशल संवाद/डेस्क : पाकिस्तान के कराची शहर में गुरुवार सुबह एक भीषण धमाका हुआ, जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। यह हादसा ओल्ड सोल्जर बाजार इलाके की एक आवासीय इमारत में हुआ। शुरुआती जांच में ब्लास्ट का कारण गैस रिसाव (Gas Leakage) बताया जा रहा है।
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स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, धमाका सुबह करीब 4:30 बजे हुआ, जब लोग सहरी की तैयारी में जाग रहे थे। रमजान के पहले दिन हुए इस हादसे ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
पहली मंजिल पर हुआ विस्फोट
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमाका इमारत की पहली मंजिल पर हुआ, जिससे इमारत का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियां भी टूट गईं।

रेस्क्यू टीम और फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए कई घंटों तक अभियान चलाया गया।
मृतकों में बच्चे भी शामिल
Karachi Blast में मृतकों में बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2 से 17 वर्ष की उम्र के कई बच्चों की जान चली गई। घायलों में भी बच्चों की संख्या अधिक बताई जा रही है। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मलबे में अब भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं, इसलिए तलाशी अभियान जारी है।
गैस रिसाव बना बड़ा कारण
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यह हादसा गैस रिसाव के कारण हुआ। कराची के कई इलाकों में गैस आपूर्ति की समस्या बनी रहती है। ऐसे में कम आय वाले परिवार अक्सर एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, जिससे रिसाव का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बंद कमरों में गैस जमा होने के बाद हल्की चिंगारी भी बड़े विस्फोट का कारण बन सकती है। फिलहाल जांच एजेंसियां तकनीकी कारणों की पुष्टि में जुटी हैं।
हाल के दिनों में दूसरा बड़ा हादसा
कराची में हाल के समय में यह दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले भी एक व्यावसायिक इमारत में आग लगने की घटना में कई लोगों की जान गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन ने शुरू की जांच
स्थानीय प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। गैस पाइपलाइन और सिलेंडर सिस्टम की तकनीकी जांच की जा रही है। साथ ही, इमारत की संरचनात्मक मजबूती की भी समीक्षा की जाएगी। सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।










