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केदारनाथ-यमुनोत्री के कपाट हुए बंद , कुछ दिन बाद बद्रीनाथ की बारी

By admin

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सोशल संवाद / डेस्क :  पंच केदार में प्रथम केदारनाथ धाम के साथ ही यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। परंपरा अनुसार भाई दूज पर कपाट बंद किया गया। धाम के कपाट बंद होने के अवसर पर  हजारों भक्तों ने पंचमुखी डोली के दर्शन किये और सेना के बैंड बाजों के साथ पैदल प्रथम पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान हुई। 17 नवंबर शुक्रवार को भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी मूर्ति शीतकालीन पूजा स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। बाबा के यहां विराजने के बाद श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में श्री केदारनाथ भगवान की शीतकालीन पूजा शुरू हो जायेगी। अगले छह महीनों तक बाबा केदार के दर्शन ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होंगे।

कपाट बंद होने के अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से फूलों से सजाया गया था । इस दौरान सेना के भक्तिमय धुनों के साथ जय श्री केदार तथा ऊँ नमः शिवाय के उद्घोष से केदारनाथ गूंज उठा।

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मंदिर में नित्य नियम पूजा-अर्चना तथा दर्शन हुए तत्पश्चात कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत स्वयंभू शिवलिंग से श्रृंगार अलग कर केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग की उपस्थिति में पुजारी ने स्थानीय शुष्क पुष्पों, ब्रह्म कमल, कुमजा,राख से समाधि रूप दिया । इस दौरान श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय पूरे समय मौजूद रहे। साथ ही जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के अधिकारीगण, मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह, तीर्थपुरोहित समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे।

आपको बता दे  इस साल साढ़े उन्नीस लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने भगवान केदारनाथ के दर्शन किये। उन्होंने यात्रा से जुड़े सभी संस्थानों को भी बधाई दी। केदारनाथ धाम में कपाट खुलने की तिथि से मंगलवार 14 नवंबर रात्रि तक 19,57,850 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किये।

बता दे  श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर को बंद हो रहे है। श्री गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट गोवर्धन पूजा के अवसर पर मंगलवार 14 नवंबर को बंद हुए ।

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