सोशल संवाद/डेस्क: दिल्ली की राजनीति में उस समय हलचल बढ़ गई जब पूर्व मुख्यमंत्री और Arvind Kejriwal का काफिला Delhi Legislative Assembly के गेट पर रोक दिया गया। यह घटना उस वक्त हुई जब केजरीवाल विशेषाधिकार समिति की सुनवाई में शामिल होने के लिए विधानसभा पहुंचे थे।
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जानकारी के मुताबिक, विधानसभा परिसर के बाहर Aam Aadmi Party के कई विधायक और कार्यकर्ता भी पहुंच गए थे। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया और साफ कहा कि केवल उन्हीं लोगों को अंदर जाने की अनुमति होगी जिन्हें समिति ने बुलाया है।
पुलिस ने Arvind Kejriwal, Manish Sisodia और Atishi Marlena को अंदर जाने की अनुमति दी, लेकिन उनके साथ मौजूद नेता Saurabh Bharadwaj को बाहर ही रोक दिया गया। इस घटना के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। Aam Aadmi Party ने केजरीवाल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है, ऐसे में उनके साथ सुरक्षा कर्मियों को जाने से रोकना गंभीर मामला है।
पार्टी नेताओं ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया। बाद में केजरीवाल विधानसभा पहुंचे और समिति के सामने अपना पक्ष रखा। बताया जा रहा है कि यह मामला साल 2022 में विधानसभा परिसर में मौजूद ब्रिटिश दौर के फांसी घर से जुड़ा है, जिसकी जांच विशेषाधिकार समिति कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिल्ली की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।









