सोशल संवाद/डेस्क: कल दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली के गुनहगार अरविंद केजरीवाल जी ने जो ओवरएक्टिंग की, जो तमाशा करने की कोशिश की और दिल्ली को खून के आंसू 11 साल तक जिन्होंने रुलाये और जो उन्होंने रोने की एक्टिंग की, तो उसका एक सच दिल्ली की जनता को भी मालूम है। इसी के बारे में बात करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस है। और मैं यह कहना चाहता हूं कि इतनी ओवरएक्टिंग और नौटंकी, जब तक आप सरकार में थे तब भी कर रहे थे, और आज भी कर रहे हैं। काश, उस समय आपको दिल्ली का दर्द पता लगा होता, समझ में आया होता। काश, आज आपको दिल्ली से कोई सरोकार होता।
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जहां तक शराब घोटाले की बात है, तो शराब घोटाले में हाई कोर्ट की टिप्पणियां भी हैं, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां भी हैं। और जब सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की गंभीर टिप्पणियों के बावजूद, आपने अपने आपको गुनहगार नहीं माना और यह नकली मेडल लेकर घूमते रहे ईमानदारी का, तब आज निचली अदालत के एक आदेश पर, आप इस प्रकार से सेलिब्रेट कर रहे हो? किसको मूर्ख बना रहे हो? क्या यह सच नहीं है कि दिल्ली में जो शराब पॉलिसी आई, जैसे ही उसके ऊपर कंप्लेंट दर्ज हुई, आपने उसको वापस ले लिया?
अगर वह शराब की आपकी पॉलिसी ईमानदारी पर आधारित थी, तो उसको वापस क्यों लेना पड़ा? क्या यह सच नहीं है कि जैसे ही जांच करने की बात आई, मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल ने सैकड़ों मोबाइल फोन तोड़े? और ऑन रिकॉर्ड है मोबाइल फोन तोड़ना। क्यों मोबाइल फोन तोड़ने की जरूरत आ पड़ी? अगर आपने कोई गड़बड़ी नहीं की थी।
क्या यह सच नहीं है कि जो थोक व्यापारी थे, उनका कमीशन 5% से बढ़ाकर 12% तक कर दिया गया? आखिर ऐसा क्यों किया गया? क्या सीएजी की रिपोर्ट में जो रेवेन्यू लॉस की बात की गई है, दिल्ली सरकार को? क्या वह सच नहीं है? सीएजी के आंकड़े सारी दिल्ली के सामने और सारे देश के सामने हैं। क्या यह सच नहीं है कि अरविंद केजरीवाल जब दिल्ली की सरकार में बैठे थे, तो शराब की एक बोतल के साथ एक बोतल फ्री बांटने की बात करते थे? पूरे दिल्ली को शराब के नशे में डुबोया। न जाने कितनी माताएं और बहनें रोई होंगी जिनके परिवार बर्बाद हुए शराब के कारण, नशे के कारण।
आज आप अपने आपको ईमानदार बताते हैं। दिल्ली की सड़कों की हालत पिछले 11 साल में देखी है, दिल्ली के पानी और सीवर की हालत देखिए, यमुना मईया की हालत देखिए, दिल्ली की हवा की हालत देखिए, दिल्ली के स्कूलों की हालत देखिए, दिल्ली के अस्पतालों की हालत देखिए। दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिकों की हालत देखिए। यह 11 साल में आपकी सरकार की देन है दिल्ली को? यह आपके भ्रष्टाचार का प्रतीक है, और सबसे बड़ा न्याय जनता की अदालत में होता है।
कहा गया है कि जनता की आवाज में ईश्वर की आवाज होती है और दिल्ली की जनता ने वह न्याय किया। पिछले साल जब चुनाव हुए, तो अरविंद केजरीवाल सुबह 10:00 बजे से पहले चुनाव हार चुके थे। मनीष सिसोदिया 10:30 बजे तक अपनी जमानत जब्त कराके घर जा चुके थे। पिछली सरकार के लगभग ज्यादातर मंत्री अपना चुनाव हार गए, और पूर्व मुख्यमंत्री हारते-हारते बचीं , यह दिल्ली की जनता का न्याय है, क्योंकि जनता ने अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार को और लूट को 11 साल तक बर्दाश्त किया है।
और मैं फिर से कहना चाहता हूं कि अरविंद केजरीवाल जी, अभी तो मामला हाई कोर्ट में गया है, अभी आप छूटे नहीं हैं इस पाप से, भ्रष्टाचार से। और जिन बहनों और मांओं के परिवार बर्बाद किए हैं आपकी शराब की नीति ने, उनकी आह अभी बाकी है, उनकी पीड़ा अभी बाकी है। इसीलिए इतना जल्दी यह नौटंकी शुरू मत कीजिए। दिल्ली और पंजाब दोनों ने आपके करप्शन को और मिस गवर्नेंस को झेला है। जो जनादेश दिल्ली ने दिया है, वही जनादेश पंजाब भी देने जा रहा है।










