सोशल संवाद /डेस्क : कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद के मानसून सत्र को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा।

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खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री करीब 20 दिनों तक सदन में आकर विपक्ष का सामना करने से बचते रहे।
’20 दिन गायब रहने के बाद चर्चा की बात महज छलावा’
रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए खरगे ने गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि 20 दिनों तक सदन से दूर रहने के बाद सत्र खत्म होने से एक दिन पहले चर्चा की बात करना महज छलावा है।
खरगे ने कहा, “अमित शाह चैंबर में बैठने के लिए गृह मंत्री नहीं बने हैं। उन्हें सदन में आकर विपक्ष के सवालों का जवाब देने की हिम्मत दिखानी चाहिए थी।”
उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांगता रहा, लेकिन सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं हुई।
खरगे बोले- सरकार जनता की आवाज दबा रही
कांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी सरकार की नीतियों पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनता की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के काम करने के तरीके में बड़ा अंतर है।
खरगे ने 1958 में दिल्ली में हुई एक दुर्घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय अटल बिहारी वाजपेयी ने संसद में स्थगन प्रस्ताव दिया था और तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने चर्चा कर जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि आज गंभीर घटनाओं के बावजूद सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बच रही है।
RSS-BJP पर भी साधा निशाना
खरगे ने भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों संगठन धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का काम कर रहे हैं। खरगे ने कहा कि कांग्रेस की मूल सोच देश को एकजुट रखने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की रही है।
उन्होंने संसद की कार्यवाही को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि संसद सिर्फ प्रधानमंत्री की तस्वीर दिखाने के लिए नहीं है। विपक्ष की बात सुनना और उसके सवालों का जवाब देना भी सरकार की जिम्मेदारी है।
नेहरू के योगदान का किया जिक्र
कांग्रेस अध्यक्ष ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों के दौरान देश में सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान, बड़े स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्थापित किए गए।
खरगे ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता उस दौर में पैदा भी नहीं हुए थे, वे आज नेहरू के योगदान पर सवाल उठाते हैं।
किसानों के मुद्दे पर भी कांग्रेस का रुख साफ
अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर खरगे ने कहा कि कांग्रेस किसानों के हितों के खिलाफ किसी भी समझौते का विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
खरगे ने रचनात्मक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और देश की एकता की रक्षा के लिए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यों के साथ राजनीतिक शक्ति भी जरूरी है, तभी व्यापक बदलाव लाया जा सकता है।









