सोशल संवाद/डेस्क: सुरों की रानी Lata Mangeshkar ने अपनी अद्भुत आवाज से भारतीय संगीत को हमेशा अमर बना दिया। उनकी गिनती भारत के सबसे महान गायकों में होती है। लेकिन कम लोग जानते हैं कि 1962 में करियर के शिखर पर पहुंची लता मंगेशकर के साथ एक चौंकाने वाली घटना घटी थी।

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सूत्रों के अनुसार, उस समय उन्हें धीरे-धीरे जहर दिया गया था। इसके कारण लता ताई लगभग तीन महीने तक बिस्तर पर रही। डॉक्टरों ने घर पर ही उनकी जांच की और पता चला कि उनकी तबीयत खराब होने का कारण जहर था।
हालांकि, Lata Mangeshkar की आवाज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। उनके परिवार ने तुरंत कदम उठाए और नौकरों के बजाय बहन उषा मंगेशकर ने खाना बनाना शुरू किया। लता को यह भी पता चल गया था कि किसने उन्हें जहर दिया था, लेकिन उनके पास ठोस सबूत न होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सालों बाद, कंपोजर हेमंत कुमार ने उनका पहला गाना रिकॉर्ड किया और फिल्म ‘बीस साल बाद’ के लिए गाया गया गीत ‘कहीं दीप जले कहीं दिल’ उन्हें दूसरा फिल्मफेयर अवॉर्ड दिलाने में सफल रहा। लता मंगेशकर ने साबित कर दिया कि मुश्किल समय में भी उनकी आवाज में जादू और जान कायम रही।










