सोशल संवाद / डेस्क : अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदते ही उस पर Tempered Glass या Screen Protector लगवाते हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है। केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन के Screen Protectors को अनिवार्य गुणवत्ता मानकों के दायरे में शामिल किया है। नए नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे। इसके बाद तय मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर को भारत में बेचने, स्टोर करने, इंपोर्ट या डिस्ट्रीब्यूट करने पर रोक होगी।
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Screen Protector के लिए तय हुआ नया Standard
सरकार ने 21 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना के जरिए “Screen Protectors for smartphones” को Electronics and Information Technology Goods (Requirement of Compulsory Registration) Order, 2021 की सूची में शामिल किया है। इसके लिए IS 19348:2025 – Glass Screen Protector — Specification को भारतीय मानक बनाया गया है।
इसका मतलब है कि बाजार में बिकने वाले स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को तय गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पालन करना होगा।
Tempered Glass की मजबूती और Thickness भी होगी जांच
नए नियमों में स्क्रीन प्रोटेक्टर की Thickness, Dimensions, Light Transmission, Visible Defects और Strength जैसे पहलुओं पर गुणवत्ता मानक लागू होंगे। यानी सिर्फ ग्लास का फोन की स्क्रीन पर फिट होना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसकी गुणवत्ता और मजबूती भी निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।
Screen की Clarity पर भी ध्यान
कई बार बहुत सस्ता स्क्रीन गार्ड लगाने के बाद फोन की डिस्प्ले की क्लैरिटी, ब्राइटनेस या कलर क्वालिटी प्रभावित महसूस हो सकती है। नए मानकों में Light Transmission और विजिबल डिफेक्ट्स से जुड़े मानक भी शामिल हैं, जिससे स्क्रीन प्रोटेक्टर की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
Adhesive और दूसरे Features के लिए भी नियम
नए Standard में स्क्रीन प्रोटेक्टर से जुड़े कई फीचर्स को भी कवर किया गया है। इनमें Adhesive, Anti-Shatter Film, Oleophobic Coating, Anti-Glare, Blue-Light Filtering और Privacy Film जैसे विकल्प शामिल हैं। इससे अलग-अलग प्रकार के स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाने वाली कंपनियों को निर्धारित गुणवत्ता आवश्यकताओं का पालन करना होगा।
पैकेजिंग पर देनी होगी जरूरी जानकारी
नए नियमों के तहत स्क्रीन प्रोटेक्टर की पैकेजिंग पर उत्पाद से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण होगा। रिपोर्ट के मुताबिक इसमें निर्माता का नाम, Batch Number और Protector की Thickness जैसी जानकारी शामिल होगी। इससे ग्राहकों को प्रोडक्ट की पहचान और उसकी जानकारी समझने में आसानी हो सकती है।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
नए नियमों का उद्देश्य स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता को एक निर्धारित Standard के तहत लाना है। 1 अप्रैल 2027 से ऐसे स्क्रीन प्रोटेक्टर जो तय आवश्यकताओं और लागू मानकों के अनुरूप नहीं होंगे, उन्हें भारत में बेचने या वितरित करने की अनुमति नहीं होगी। अनुपालन करने वाले उत्पादों पर लागू BIS Standard Mark से उनकी अनुरूपता की पहचान की जा सकेगी।












