Responsive Full Width Slider
Advertisement 1
Advertisement 2

LPG Cylinder News: 4 में से 1 सिलेंडर में मिली कम गैस, जांच में सामने आया चौंकाने वाला आंकड़ा

By Tamishree Mukherjee

Published :

Follow
LPG Cylinder Weight Check
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : घर में इस्तेमाल होने वाला LPG सिलेंडर लेते समय क्या आपने कभी उसका वजन चेक किया है? अगर नहीं, तो अब सतर्क रहने की जरूरत है। कर्नाटक में की गई एक जांच के दौरान बड़ी संख्या में LPG सिलेंडरों में घोषित मात्रा से कम गैस मिली है।

यह भी पढ़े : यूपीआई शुल्क पर राहत से इनकार : सुप्रीम कोर्ट

Sunrise Enclave
ASL Motors and Dilip Kia

कर्नाटक के कानूनी मापविज्ञान विभाग (Legal Metrology Department) ने ‘मिशन निखरा’ के तहत राज्य की 17 LPG बॉटलिंग यूनिट्स में जांच अभियान चलाया। इस दौरान कुल 1,530 सिलेंडरों का वजन किया गया। जांच में 382 सिलेंडरों यानी करीब 25 प्रतिशत में घोषित मात्रा से कम LPG पाई गई। हालांकि, विभाग के अनुसार ये सभी सिलेंडर अनुमत कमी की निर्धारित सीमा के भीतर थे।

1,530 सिलेंडरों की हुई जांच

कानूनी मापविज्ञान विभाग ने अलग-अलग LPG बॉटलिंग प्लांट से जुड़ी शिकायतों और कथित अनियमितताओं की खबरों के बाद 24 सितंबर को जांच अभियान शुरू किया।

‘मिशन निखरा’ का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को सिलेंडर में घोषित मात्रा के मुताबिक LPG मिले और माप-तौल से जुड़े नियमों का पालन हो। इस अभियान के तहत कर्नाटक की 17 चालू LPG बॉटलिंग यूनिट्स को जांच में शामिल किया गया। इनमें BPCL, HPCL, IOCL, TotalEnergies सहित कुछ निजी कंपनियों की यूनिट्स भी थीं।

382 सिलेंडरों में मिली कम गैस

जांच के दौरान सामने आए आंकड़ों के मुताबिक:

  • 382 सिलेंडरों में घोषित मात्रा से कम गैस मिली।
  • 205 सिलेंडरों में गैस की मात्रा बिल्कुल निर्धारित पाई गई।
  • 943 सिलेंडरों में घोषित मात्रा से अधिक LPG मिली।

इस तरह जांचे गए सिलेंडरों में करीब 25 प्रतिशत में गैस की मात्रा घोषित वजन से कम पाई गई। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया कि कम मात्रा वाले सिलेंडर भी निर्धारित स्वीकार्य कमी की सीमा के अंदर थे।

तीन मामले दर्ज, 79 हजार रुपये का जुर्माना

जांच अभियान के दौरान कानूनी मापविज्ञान विभाग ने तीन मामले दर्ज किए। संबंधित LPG बॉटलिंग यूनिट्स पर कुल 79,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से LPG सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय सावधानी बरतने की अपील की है।

LPG सिलेंडर लेते समय वजन जांचना आपका अधिकार

कानूनी मापविज्ञान विभाग के अनुसार, ग्राहक LPG सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय उसका वजन जांचने के लिए कह सकता है। LPG कंपनियों और डीलरों को डिलीवरी कर्मचारियों के पास वजन मापने की मशीन उपलब्ध कराने का प्रावधान है। अगर आपको सिलेंडर की मात्रा को लेकर संदेह है, तो डिलीवरी लेने से पहले वजन की जांच की जा सकती है।

LPG सिलेंडर में गैस कम लगे तो क्या करें?

अगर ग्राहक को लगता है कि सिलेंडर में निर्धारित मात्रा से कम LPG है, तो वह इसकी शिकायत संबंधित विभाग से कर सकता है। कर्नाटक कानूनी मापविज्ञान विभाग ने शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800 599 1100 जारी किया है।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी बात

LPG सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय सिलेंडर का वजन और उसकी सील की स्थिति देखना उपभोक्ता के हित में है। किसी भी तरह की गड़बड़ी का संदेह होने पर डिलीवरी कर्मचारी से वजन जांचने के लिए कहा जा सकता है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Social Samvad Creator