Advertisement 2

कांग्रेस का बड़ा आरोप: सिंगरौली कोल ब्लॉक मंजूरी में ‘फर्जी ग्राम सभा’ और मृतकों के अंगूठे के निशान का इस्तेमाल

By Riya Kumari

Published :

Follow
कांग्रेस का बड़ा आरोप: सिंगरौली कोल ब्लॉक मंजूरी में 'फर्जी ग्राम सभा' और मृतकों के अंगूठे के निशान का इस्तेमाल
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / नई दिल्ली: कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि अडानी समूह की कंपनी को कोल ब्लॉक में खनन की अनुमति दिलाने के लिए फर्जी ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया और ग्रामीणों की सहमति दिखाने के लिए मृत व्यक्तियों के कथित तौर पर फर्जी अंगूठे के निशानों का इस्तेमाल किया गया।

यह भी पढे : PM मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो ने किया प्रांबानन मंदिर पुनरुद्धार परियोजना का उद्घाटन, भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिली नई मजबूती

कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस कार्य समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य के. राजू और अनुसूचित जनजाति विभाग के अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने इस पूरे मामले को ‘सिंगरौली फाइल्स’ नाम देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका आरोप है कि यह मामला आदिवासी अधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं के गंभीर उल्लंघन से जुड़ा है।

फर्जी ग्राम सभाओं का आरोप

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, सिंगरौली के धिरौली कोल ब्लॉक में खनन की मंजूरी देने के लिए ग्राम सभाओं की वास्तविक सहमति नहीं ली गई। आरोप है कि वन अधिकार अधिनियम (Forest Rights Act) और पेसा (PESA) कानून के प्रावधानों को दरकिनार करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और कथित रूप से मृत ग्रामीणों के अंगूठे के निशान लगाकर अनुमति दर्शाई गई।

आरटीआई दस्तावेजों के आधार पर दावा

डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त दस्तावेजों और मृत्यु प्रमाण पत्रों के आधार पर कई विसंगतियां सामने आई हैं। उनके अनुसार, जिन लोगों का वर्षों पहले निधन हो चुका था, उनके नाम और कथित अंगूठे के निशान वर्ष 2021 की ग्राम सभा के रिकॉर्ड में दर्ज पाए गए।

कांग्रेस का दावा है कि:

  • बृजभान सिंह का निधन वर्ष 2014 में हो चुका था, लेकिन 2021 की ग्राम सभा के रिकॉर्ड में उनके नाम पर कथित अंगूठा लगाया गया।
  • फुलेश्वरी सिंह की मृत्यु वर्ष 2018 में हुई थी, लेकिन उनका नाम और कथित अंगूठा भी 2021 के दस्तावेजों में दर्ज है।
  • पार्टी का आरोप है कि कई अन्य मृत व्यक्तियों के नाम का भी इसी तरह इस्तेमाल किया गया।

हस्ताक्षर करने वालों के नाम पर भी कथित फर्जी अंगूठे

कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि धिरौली कोल ब्लॉक का विरोध करने वाले सुमारू सिंह और सोनमती सिंह, जो हस्ताक्षर करते हैं, उनके नाम पर भी कथित तौर पर अंगूठे के निशान लगाकर सहमति दर्शाई गई। पार्टी के अनुसार, यह पूरे दस्तावेजी रिकॉर्ड पर सवाल खड़े करता है।

कांग्रेस ने उठाईं ये प्रमुख मांगें

कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार से निम्नलिखित मांगें की हैं:

  • पूरे मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • कथित फर्जीवाड़े में शामिल अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
  • जांच पूरी होने तक विवादित कोल ब्लॉक में खनन गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।
  • आदिवासी क्षेत्रों में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

आदिवासी अधिकारों की अनदेखी का आरोप

के. राजू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारें आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की बजाय औद्योगिक परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रही हैं। उन्होंने कहा कि नियमगिरी, हसदेव अरण्य, बस्तर और अन्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं के नाम पर स्थानीय समुदायों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।

कांग्रेस का कहना है कि अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी भूमि अधिग्रहण या खनन परियोजना से पहले ग्राम सभा की वैध सहमति, सामाजिक प्रभाव आकलन (Social Impact Assessment) और कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है, लेकिन इस मामले में इन नियमों का पालन नहीं किया गया।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

संबंधित पोस्ट

Social Samvad Creator
Exit mobile version