सोशल संवाद / डेस्क : कर्नाटक में बाल मजदूरी के खिलाफ पुलिस ने बड़े स्तर पर अभियान चलाकर करीब 800 बच्चों को श्रम से मुक्त कराया है। राज्यभर में पुलिस ने 16,951 स्थानों की जांच की। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के निर्देश के बाद की गई।
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962 थानों की पुलिस ने चलाया अभियान
इस विशेष अभियान में कर्नाटक के 962 पुलिस थाना क्षेत्रों में जांच की गई। पुलिस टीमों ने होटल, दुकान, गैराज, बाजार, फैक्ट्री, निर्माण स्थल, गोदाम, पेट्रोल पंप और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की।
बेंगलुरु में सबसे ज्यादा बच्चे मिले
अभियान के दौरान बेंगलुरु में 503 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया गया। इसके अलावा विजयपुर में 72, तुमकुरु में 33, कोप्पल में 27, कलबुर्गी में 22, बल्लारी में 15 और मैसूरु में 13 बच्चों को मुक्त कराया गया।
सीएम के APMC दौरे के बाद तेज हुई कार्रवाई
दरअसल, 8 सितंबर को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु के यशवंतपुर APMC बाजार का दौरा किया था। वहां बच्चों के काम करने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद शुरुआती कार्रवाई में 19 बच्चों को बचाया गया था।
दुकानदारों पर कानूनी कार्रवाई
बेंगलुरु में अभियान के दौरान 18 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस और श्रम विभाग की टीमें बाल एवं किशोर श्रम कानून तथा Juvenile Justice Act के तहत कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बच्चे को पढ़ने, सुरक्षित रहने और अपने भविष्य के सपने देखने का अधिकार है। सरकार का उद्देश्य बाल मजदूरी पर रोक लगाकर बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित बचपन उपलब्ध कराना है।










