सोशल संवाद / डेस्क : हाल ही में आई एक नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पेट के कैंसर (Stomach Cancer) के अधिकतर मामलों के पीछे Helicobacter pylori (H. pylori) नाम का बैक्टीरिया जिम्मेदार हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बैक्टीरिया लंबे समय तक पेट में संक्रमण पैदा करता है, जिससे आगे चलकर कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
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दुनिया भर में बड़ी वजह बन रहा H. pylori
शोध के अनुसार वैश्विक स्तर पर लगभग 75–76% पेट के कैंसर के मामलों का संबंध H. pylori संक्रमण से पाया गया है। यह बैक्टीरिया पेट की आंतरिक परत को नुकसान पहुंचाता है और धीरे-धीरे कैंसर का जोखिम बढ़ा सकता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि इस संक्रमण की समय रहते पहचान और इलाज हो जाए तो पेट के कैंसर के कई मामलों को रोका जा सकता है।
क्या है H. pylori संक्रमण?
H. pylori एक सामान्य बैक्टीरिया है जो पेट की दीवार में रहता है। यह अक्सर दूषित भोजन, पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैल सकता है। कई बार यह संक्रमण बिना किसी बड़े लक्षण के लंबे समय तक शरीर में बना रहता है।

इसके संभावित लक्षण
H. pylori संक्रमण होने पर कुछ लोगों में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- पेट में जलन या दर्द
- बार-बार गैस और सूजन
- मतली या उल्टी
- भूख कम लगना
- अपच या एसिडिटी
हालांकि कई मामलों में यह संक्रमण बिना लक्षण के भी मौजूद रह सकता है, जिससे समय पर पहचान मुश्किल हो जाती है।
कैसे कम किया जा सकता है जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कुछ सावधानियां अपनाकर पेट के कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है:
- साफ और सुरक्षित भोजन-पानी का सेवन करें
- पेट से जुड़े लगातार लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच कराएं
- धूम्रपान और अत्यधिक नमक वाले भोजन से बचें
- नियमित स्वास्थ्य जांच और H. pylori टेस्ट कराएं
इलाज से कम हो सकता है कैंसर का खतरा
अध्ययनों से पता चला है कि H. pylori संक्रमण का इलाज करने से पेट के कैंसर का जोखिम काफी कम हो सकता है। इसलिए समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी माना जाता है।
H. pylori संक्रमण को पेट के कैंसर की बड़ी वजह माना जा रहा है। ऐसे में पेट से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच और इलाज कराना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।









