सोशल संवाद/डेस्क : भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के कई टोल प्लाजा पर बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में कई राज्यों में छापेमारी की। जांच एजेंसी ने कई राज्यों की पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर पर संज्ञान लेते हुए धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की।

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एफआईआर में आरोप है कि संदिग्ध ठेकेदारों और ऑपरेटरों ने एनएचएआई के सिस्टम से छेड़छाड़ कर इस हाईटेक घोटाले को अंजाम दिया है। इसके तहत टोल बूथ पर गलत सॉफ्टवेयर लगा दिए गए, जिसके बाद जब कोई वाहन वहां से गुजरता था, तो अनाधिकृत सॉफ्टवेयर फर्जी रसीद काट देता था। जांच एजेंसी ने दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, बंगाल में 14 ठिकानों को खंगाला। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए, जिनकी जांच जारी है। फॉरेंसिक जांच, एनएचएआई रिकॉर्ड से अनाधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। एजेंसी के अनुसार, छापे का उद्देश्य डिजिटल और दस्तावेजी सबूत बरामद करना और इस धोखाधड़ी से फायदा उठाने वाले लोगों की पहचान करना है।
कई कोणों से जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी
केंद्रीय एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन लेनदेन से प्राप्त धन को एनएचएआई के आधिकारिक खातों में दर्ज किए बिना कहीं और स्थानांतरित कर दिया गया था। ईडी के मुताबिक, अब तक जांच की गई सामग्री से अनियमितताओं में ऐसे अनधिकृत एप्लिकेशन के उपयोग का संकेत मिलता है। मामले की जांच जारी है।









