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भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार में MCD की आय ने बनाया रिकॉर्ड, एक साल में 14,549 करोड़ रुपये का राजस्व: सत्या शर्मा

By Riya Kumari

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भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार में MCD की आय ने बनाया रिकॉर्ड, एक साल में 14,549 करोड़ रुपये का राजस्व: सत्या शर्मा
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सोशल समवा / नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने दावा किया है कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार बनने के बाद निगम की वित्तीय स्थिति में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में एमसीडी ने अपने इतिहास का सर्वाधिक 14,549.06 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो अब तक का रिकॉर्ड है।

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सत्या शर्मा ने कहा कि बीते वर्षों में एमसीडी की आर्थिक स्थिति को लेकर लगातार संकट की बातें सामने आती रही थीं। कर्मचारियों के वेतन, विकास कार्यों और संसाधनों की कमी को लेकर सवाल उठाए जाते थे। लेकिन वर्तमान आंकड़े बताते हैं कि समस्या संसाधनों की नहीं, बल्कि प्रबंधन और प्राथमिकताओं की थी।

एक साल में 17.27 प्रतिशत बढ़ी कुल आय

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में, जब दिल्ली सरकार और एमसीडी दोनों में आम आदमी पार्टी का शासन था, तब निगम की कुल आय 12,406.75 करोड़ रुपये थी। वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 14,549.06 करोड़ रुपये हो गई। यानी मात्र एक वर्ष में निगम की आय में 2,142.31 करोड़ रुपये अथवा 17.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

सत्या शर्मा के अनुसार, यह वृद्धि किसी एक आय स्रोत तक सीमित नहीं है, बल्कि निगम के लगभग सभी प्रमुख राजस्व स्रोतों में सुधार का परिणाम है। इससे राजस्व संग्रहण व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रभावशीलता का पता चलता है।

दिल्ली सरकार से अनुदान में भी बढ़ोतरी

उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार से मिलने वाले राजस्व और अनुदान में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में एमसीडी को 2,983.87 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 3,309.82 करोड़ रुपये हो गए। यानी निगम को 325.95 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त हुए।

निगम की अपनी आय में रिकॉर्ड उछाल

सत्या शर्मा ने कहा कि सबसे बड़ी उपलब्धि एमसीडी की आंतरिक आय में हुई वृद्धि है। वर्ष 2024-25 में निगम की अपनी आय 9,400.20 करोड़ रुपये थी, जो 2025-26 में बढ़कर 11,239.24 करोड़ रुपये हो गई। यानी निगम की स्वयं की कमाई में 1,839.04 करोड़ रुपये अथवा 19.56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

संपत्ति कर और ट्रांसफर शुल्क बने प्रमुख आय स्रोत

वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम को:

  • संपत्ति कर से: 3,113.07 करोड़ रुपये
  • संपत्ति हस्तांतरण शुल्क से: 3,758.59 करोड़ रुपये
  • विज्ञापन राजस्व से: 441.30 करोड़ रुपये
  • कार पार्किंग से: 166.18 करोड़ रुपये
  • सिविक सेंटर सी-ब्लॉक लीज से: 182.71 करोड़ रुपये

की आय प्राप्त हुई।

उन्होंने बताया कि विज्ञापन से होने वाली आय में 22.82 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं सिविक सेंटर के सी-ब्लॉक की लीज से प्राप्त राजस्व 75.23 करोड़ रुपये से बढ़कर 182.71 करोड़ रुपये हो गया, जो 142.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

विकास कार्यों को मिलेगी गति

सत्या शर्मा ने कहा कि मजबूत वित्तीय स्थिति के कारण एमसीडी अब सफाई व्यवस्था, लैंडफिल साइटों के निस्तारण, पार्कों के विकास, सड़कों और गलियों के रखरखाव, जनस्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विकास पर अधिक संसाधन खर्च कर पा रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार ने साबित किया है कि प्रभावी प्रबंधन, पारदर्शी व्यवस्था और सरकारों के बीच बेहतर समन्वय से किसी भी संस्था को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। निगम का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि दिल्लीवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

अंत में सत्या शर्मा ने निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों, करदाताओं और दिल्लीवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में एमसीडी को और अधिक आत्मनिर्भर, आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।

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