सोशल संवाद / जमशेदपुर : झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कुमार अभिषेक एवं मुकुल ने आज सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल महतो से मुलाकात कर चक्रधरपुर रेल मंडल में व्याप्त गंभीर रेल समस्याओं एवं नई ट्रेनों की मांग को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
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प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कोविड-19 के बाद से चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत यात्री ट्रेनें लगातार घंटों विलंब से चल रही हैं। इस समस्या पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार यात्रियों की कनेक्टिंग ट्रेनें भी छूट जाती हैं।
एसोसिएशन ने बताया कि इस मंडल में प्रतिदिन लगभग 200–250 मालगाड़ियों का संचालन होता है, जबकि यात्री ट्रेनों की संख्या मात्र 25–30 है। मालगाड़ियों को प्राथमिकता मिलने के कारण 30–60 किलोमीटर की दूरी तय करने में जहां पहले 1 घंटा लगता था, वहीं अब 3–4 घंटे लग रहे हैं। पिछले तीन वर्षों से यह स्थिति बनी हुई है, जिससे छात्र, मरीज, मजदूर एवं नौकरीपेशा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं।
एसोसिएशन द्वारा सुझाए गए प्रमुख समाधान:
निर्धारित स्लॉट में यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाए तथा इस संबंध में माननीय रेल मंत्री द्वारा दक्षिण पूर्व रेलवे, चक्रधरपुर मंडल को निर्देश जारी किए जाएं।
चक्रधरपुर–टाटानगर–खड़गपुर के बीच चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जाए।
आदित्यपुर–टाटानगर तीसरी रेल लाइन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए।
छोटे स्टेशनों जैसे राजखरसावां, सिनि, राखा माइंस, गालूडीह एवं घाटशिला में लूप लाइन की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि मालगाड़ियों को आसानी से रोका जा सके।
ट्रेन सेवाओं के विस्तार की मांग:
जमशेदपुर एवं कोल्हान क्षेत्र से जयपुर के लिए पिछले 20–25 वर्षों से ट्रेन सेवा की मांग लंबित है। संघ ने संतरागाछी–अजमेर स्पेशल (08611/12) एवं संतरागाछी–अजमेर एक्सप्रेस (18009/10) को नियमित करते हुए खातिपुरा (जयपुर) तक विस्तार करने की मांग की, क्योंकि इन ट्रेनों का अजमेर में लंबा लेओवर समय है।
नई ट्रेन सेवा की मांग:
दिल्ली से टाटानगर (हजारीबाग टाउन के रास्ते) सीधी ट्रेन सेवा शुरू की जाए। वर्तमान में कन्फर्म टिकट मिलना कठिन है।
गोड्डा–दिल्ली एक्सप्रेस (14049/50) के निष्क्रिय रैक का उपयोग कर टाटा–दिल्ली साप्ताहिक एक्सप्रेस चलाई जा सकती है।
टाटानगर–बेंगलुरु रूट:
इस रूट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन पिछले 11 वर्षों में कोई नई ट्रेन नहीं जोड़ी गई। अतः टाटानगर से चाईबासा, केओनझर, भुवनेश्वर, पेरम्बूर एवं काटपाडी होते हुए बेंगलुरु तक नई द्विसाप्ताहिक ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग की गई।
टाटानगर–मुंबई (एलटीटी) सेवा:
कोरोना काल से पूर्व चलने वाली 22885/86 अंत्योदय एक्सप्रेस के समय स्लॉट पर पुनः द्विसाप्ताहिक ट्रेन (स्लीपर, 3एसी एवं 2एसी कोच के साथ) शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा एवं कन्फर्म सीट मिल सके।
कुणाल महतो ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इन मांगों को उचित स्तर पर उठाकर शीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा।









