सोशल संवाद / जमशेदपुर: अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अंग सैन्य मातृशक्ति, जमशेदपुर की ओर से मिलन-सह-सावन महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में डॉ. मीरा मुंडा, डॉ. त्रिपुरा झा और संध्या सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। सावन के उल्लास से सराबोर इस आयोजन में पूर्व सैनिक परिवारों की महिलाओं सहित सैन्य मातृशक्ति की करीब 70 सदस्यों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

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भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने और दीप प्रज्वलित करने के साथ हुई। इसके बाद संगठन से जुड़ी नई महिला सदस्यों का स्वागत और अभिनंदन किया गया।
आयोजन का उद्देश्य संगठन की पुरानी और नई सदस्यों के बीच आत्मीय मेल-जोल और परिचय को बढ़ावा देने के साथ भारतीय संस्कृति, तीज-त्योहारों और सैन्य संस्कारों को समाज तक पहुंचाना रहा।
अनुशासन और राष्ट्रप्रेम के संस्कार जरूरी: विनीता सिंह
सैन्य मातृशक्ति की अध्यक्ष रूबी सिंह ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। वहीं महामंत्री विनीता सिंह ने कहा कि आधुनिकता और सैनिक मूल्यों का समन्वय वर्तमान समाज में सकारात्मक बदलाव की आधारशिला बन सकता है।
उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक परिवारों की महिलाओं की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों और समाज की नई पीढ़ी में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम, सेवा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को मजबूत करें।
हरे परिधानों में सजीं महिलाएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
सावन महोत्सव के मौके पर महिलाओं ने हरे रंग के आकर्षक परिधानों में सज-धजकर उत्सव का स्वागत किया। कार्यक्रम में सावन गीत, कजरी, सामूहिक संगीत, नृत्य, मेहंदी, रूप सज्जा और रैंप वॉक समेत कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं।
महिलाओं की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और सदस्यों का खूब मनोरंजन किया। पूरे आयोजन में सावन की पारंपरिक छटा देखने को मिली।
नृत्य, मेहंदी और सावन क्वीन प्रतियोगिता रही आकर्षण का केंद्र
महोत्सव का मुख्य आकर्षण नृत्य प्रतियोगिता, मेहंदी प्रतियोगिता और सावन क्वीन प्रतियोगिता रही। महिलाओं ने इन प्रतियोगिताओं में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
पारंपरिक परिधानों में रैंप वॉक करते हुए प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। सावन गीतों और कजरी की मधुर धुनों के बीच महिलाओं ने जमकर उत्सव मनाया।
भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने में महिलाओं की अहम भूमिका: डॉ. मीरा मुंडा
कार्यक्रम में डॉ. मीरा मुंडा ने सावन मिलन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूत करते हैं।
शिक्षा और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक: डॉ. त्रिपुरा झा
डॉ. त्रिपुरा झा ने कहा कि शिक्षा और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। तीज-त्योहार केवल उत्सव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे हमारी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से महिलाओं में आत्मीयता, रचनात्मकता और सामाजिक चेतना को बढ़ावा मिलता है।
सैन्य संस्कारों को समाज तक पहुंचाने का प्रयास
सैन्य मातृशक्ति की सदस्य माधुरी ओझा और पूजा शरण ने कहा कि सावन प्रकृति के करीब ले जाने वाला पावन महीना है। भारत उत्सवों और विविध सांस्कृतिक परंपराओं का देश है और ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
उन्होंने कहा कि मिलन-सह-सावन महोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं है। इसके जरिए पुरानी और नई सदस्यों के बीच आत्मीय संबंधों को मजबूत करने के साथ सैन्य परिवारों में विकसित अनुशासन, राष्ट्रप्रेम, सेवा और संस्कार जैसे मूल्यों को नागरिक समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और तीज-त्योहारों के महत्व से समाज को परिचित कराना भी इस आयोजन का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
हरे परिधानों और मेहंदी से सजा पूरा आयोजन
सावन गीतों और कजरी की मधुर धुनों के बीच महिलाओं ने जमकर उत्सव मनाया। हरे परिधानों की छटा, मेहंदी की खुशबू और रंग-बिरंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
भावना ने किया धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में भावना ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों और सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में श्वेता सिंह, पूनम, शर्मिला, सुनीता, सावित्री, आरती देवी, रेखा, राधिका, सरिता, रीना सिन्हा, स्वाति, मीना सिंह, सरोज सिंह, रीना मिश्रा, उर्मिला, सुनीता सिंह, संगीता, शमिता देवी, कंचन सिंह, नीता शर्मा, स्वाति सुमन और पूजा सिन्हा सहित करीब 70 सैन्य मातृशक्ति सदस्य मौजूद रहीं।









