सोशल संवाद/ डेस्क : रामगढ़ जिले के भुरकुंडा की बेटी अंचल यादव ने अपनी प्रतिभा और संस्कृति की खूबसूरत प्रस्तुति से पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। भुरकुंडा सेंट्रल सौंदा निवासी जवाहिर यादव की बेटी अंचल ने बॉबी एंटरटेनमेंट रांची के ग्रैंड फिनाले सीजन-4 में शानदार प्रदर्शन करते हुए मिस झारखंड 2026 का खिताब अपने नाम किया।
यह भी पढे : Justice Yashwant Varma Case कैश कांड में FIR की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- ‘सस्ती पब्लिसिटी’
अंचल ने प्रतियोगिता के दौरान छठ महापर्व की पारंपरिक थीम पर प्रस्तुति दी। अपनी संस्कृति से जुड़ी इस प्रस्तुति से उन्होंने निर्णायकों के साथ-साथ दर्शकों का भी दिल जीत लिया और प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया।
अंचल की जीत से भुरकुंडा में खुशी का माहौल
अंचल के मिस झारखंड बनने की खबर मिलते ही उनके परिवार और भुरकुंडा-सेंट्रल सौंदा के लोगों में खुशी का माहौल है। आसपास के लोग लगातार उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनकी सफलता को पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात बता रहे हैं।
परिवार का कहना है कि अंचल ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से खास तौर पर युवाओं और बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
M.Com की पढ़ाई के साथ मॉडलिंग में बनाई पहचान
अंचल यादव फिलहाल M.Com की पढ़ाई कर रही हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने मॉडलिंग और फैशन प्रतियोगिताओं में भी अपनी पहचान बनाई है।
फरवरी में अंचल ने मिस ग्लैमर का खिताब जीता था। इसके बाद अब उन्होंने मिस झारखंड 2026 का खिताब अपने नाम कर अपनी उपलब्धियों में एक और बड़ी कामयाबी जोड़ ली है।
अब मिस इंडिया में हिस्सा लेने का सपना
अंचल का लक्ष्य यहीं रुकने का नहीं है। वह आगे मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर जीत हासिल करना चाहती हैं। उनका सपना है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं और झारखंड का नाम रोशन करें।
मां ने कहा- बेटी पर गर्व है
अंचल की मां नीलम देवी ने बेटी की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। उन्होंने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के लिए परिवार का साथ मिलना बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आज की बेटियां किसी से कम नहीं हैं। अगर उन्हें परिवार का थोड़ा सा भी सहयोग और भरोसा मिले, तो वे अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं और माता-पिता का नाम रोशन कर सकती हैं।
अंचल की इस सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि रामगढ़ और पूरे भुरकुंडा क्षेत्र को भी गर्व का मौका दिया है।









