Responsive Full Width Slider

मोदी बोले- RSS अमर संस्कृति का वट वृक्ष:स्वयंसेवक का जीवन निस्वार्थ; हम देव से देश, राम से राष्ट्र का मंत्र लेकर चल रहे

By Riya Kumari

Published :

Follow
Modi said- RSS is the Banyan tree of immortal culture

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/डेस्क : प्रधानमंत्री मोदी नागपुर के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय केशव कुंज पहुंचे। मोहन भागवत के साथ मिलकर संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री मोदी रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय केशव कुंज पहुंचे। वे सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक यहां रहे। उन्होंने संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार और दूसरे सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) के स्मारक स्मृति मंदिर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी।

यह भी पढ़े : शाह बोले-लालू ने केवल अपने परिवार को सेट किया:गोपालगंज में कहा- सरकार बनी तो बिहार को बाढ़ मुक्त बनाएंगे; बंद चीनी मिलों को शुरू करेंगे

बतौर प्रधानमंत्री मोदी की यह संघ मुख्यालय का पहला दौरा था। इससे पहले जुलाई 2013 में वह लोकसभा चुनाव के सिलसिले में हुई बैठक में शामिल होने नागपुर आए थे। प्रधानमंत्री ने संघ के माधव नेत्रालय के एक्सटेंशन बिल्डिंग की आधारशिला रखी।

प्रधानमंत्री मोदी ने 34 मिनट की स्पीच में देश के इतिहास, भक्ति आंदोलन, इसमें संतों की भूमिका, संघ की नि:स्वार्थ कार्य प्रणाली, देश के विकास, युवाओं में धर्म-संस्कृति, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा, भाषा और प्रयागराज महाकुंभ की चर्चा की।

उन्होंने संघ की तारीफ करते हुए कहा- राष्ट्रीय चेतना के लिए जो विचार 100 साल पहले संघ के रूप में बोया गया, वो आज महान वट वृक्ष के रूप में दुनिया के सामने हैं। ये आज भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना को लागतार ऊर्जावान बना रहा है। स्वयंसेवक के लिए सेवा ही जीवन है। हम देव से देश, राम से राष्ट्र का मंत्र लेकर चल रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की 34 मिनट की स्पीच 5 पॉइंट में…

1. भारत की आजादी

PM मोदी ने कहा कि भारत के इतिहास में नजर डालें तो इसमें कई आक्रमण हुए। इतने आक्रमणों के बावजूद भी भारत की चेतना कभी समाप्त नहीं हुई, उसकी लौ जलती रही। कठिन से कठिन दौर में भी इस चेतना को जाग्रत रखने के लिए नए सामाजिक आंदोलन होते रहे। भक्ति आंदोलन इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

मध्यकाल के उस कठिन कालखंड में हमारे संतों ने भक्ति के विचारों से राष्ट्रीय चेतना को नई ऊर्जा दी। गुरु नानक देव, कबीरदास, तुलसीदास, सूरदास, संत तुकाराम, संत रामदेव, संत ज्ञानेश्वर जैसे महान संतों ने अपने मौलिक विचारों से समाज में प्राण फूंके। उन्होंने भेदभाव के बंधनों को तोड़कर समाज को एकता के सूत्र में बांधा।

2. संघ की तारीफ

स्वामी विवेकानंद से लेकर डॉक्टर साहब तक, किसी ने भी राष्ट्रीय चेतना को बुझने नहीं दिया। राष्ट्रीय चेतना के जिस विचार का बीज 100 वर्ष पहले बोया गया था, वह आज एक महान वटवृक्ष के रूप में खड़ा है। सिद्धांत और आदर्श इस वटवृक्ष को ऊंचाई देते हैं, जबकि लाखों-करोड़ों स्वयंसेवक इसकी टहनियों के रूप में कार्य कर रहे हैं। संघ भारत की अमर संस्कृति का आधुनिक अक्षय वट है, जो निरंतर भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना को ऊर्जा प्रदान कर रहा है।

PM मोदी ने कहा कि हमारा शरीर परोपकार और सेवा के लिए ही है। जब सेवा संस्कार बन जाती है, तो साधना बन जाती है। यही साधना हर स्वयंसेवक की प्राणवायु होती है। यह सेवा संस्कार, यह साधना, यह प्राणवायु, पीढ़ी दर पीढ़ी हर स्वयंसेवक को तप और तपस्या के लिए प्रेरित करती है। उसे न थकने देती है और न ही रुकने देती है।

3. आत्मविश्वास से भरा हुआ युवा धर्म से जुड़ा

PM मोदी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी पूंजी हमारा युवा है। देश का युवा आत्मविश्वास से भरा हुआ है। उसकी रिस्क-टेकिंग कैपेसिटी पहले से कई गुना बढ़ चुकी है। वह इनोवेशन कर रहा है, स्टार्टअप की दुनिया में परचम लहरा रहा है। अपनी विरासत और संस्कृति पर गर्व करते हुए आगे बढ़ रहा है।

महाकुंभ में हमने देखा कि लाखों-करोड़ों की संख्या में युवा पीढ़ी पहुंची और सनातन परंपरा से जुड़कर गौरव से भर उठी। भारत का युवा आज देश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम कर रहा है। यही युवा 2047 के विकसित भारत की ध्वजा थामे हुए हैं। मुझे भरोसा है कि संगठन, समर्पण और सेवा की त्रिवेणी विकसित भारत की यात्रा को ऊर्जा और दिशा देती रहेगी।

4. भारत अब मदद करने का केंद्र है

PM मोदी ने अपनी स्पीच में कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का मंत्र आज विश्व के कोने-कोने में गूंज रहा है। जब कोविड जैसी महामारी आती है, तो भारत विश्व को परिवार मानकर वैक्सीन उपलब्ध कराता है। दुनिया में कहीं भी प्राकृतिक आपदा हो, भारत सेवा के लिए तत्पर रहता है।

म्यांमार में भूकंप आया तो भारत ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत तुरंत मदद के लिए पहुंच गया। नेपाल में भूकंप हो, मालदीव में जल संकट हो, भारत ने सहायता देने में क्षणभर की भी देर नहीं की। युद्ध के हालात में भी भारत दूसरे देशों के नागरिकों को सुरक्षित निकालकर लाता है। भारत अब ग्लोबल साउथ की आवाज भी बन रहा है। विश्व में बंधुत्व और सेवा की यह भावना हमारे संस्कारों का ही विस्तार है।

5. हेल्थ सेक्टर की प्रगति

PM मोदी ने कहा कि देश के सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना हमारी प्राथमिकता है। गरीब से गरीब व्यक्ति को भी बेहतरीन इलाज मिले, कोई भी देशवासी जीवन जीने की गरिमा से वंचित न रहे। जो बुजुर्ग अपना पूरा जीवन देश के लिए समर्पित कर चुके हैं, उन्हें इलाज की चिंता न सताए, ऐसी परिस्थितियों में उन्हें न जीना पड़े। यही सरकार की नीति है।

इसीलिए आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। हजारों जनऔषधि केंद्र गरीबों और मध्यम वर्गीय परिवारों को सस्ती दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। करीब एक हजार डायलिसिस सेंटर मुफ्त में डायलिसिस सेवा प्रदान कर रहे हैं, जिससे देशवासियों के हजारों करोड़ रुपये बच रहे हैं।

PM मोदी ने मैसेज लिखकर हेडगेवार-अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी

 PM मोदी ने RSS चीफ मोहन भागवत के साथ संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार और दूसरे सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) के स्मारक स्मृति मंदिर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने दीक्षाभूमि में डॉ. भीवराव अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---