झारखंड में मानसून की दस्तक, फिर भी 47% वर्षा की भारी कमी से बढ़ी किसानों की चिंता

By Riya Kumari

Published :

Follow
झारखंड में मानसून की दस्तक, फिर भी 47% वर्षा की भारी कमी से बढ़ी किसानों की चिंता

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने समय से पहले दस्तक दे दी है, लेकिन राज्य में अब भी बारिश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मानसून के आगमन के बावजूद झारखंड में सामान्य से करीब 47 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे कृषि क्षेत्र और किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

यह भी पढे : सरायकेला में नशामुक्त समाज के निर्माण की पहल, जागरूकता रथ को दिखाई गई हरी झंडी

Sunrise Enclave
Hospital Advertisement

राज्य के कई जिलों में मानसून की शुरुआती बारिश अपेक्षा के अनुरूप नहीं हुई है। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में खेतों को पर्याप्त नमी नहीं मिल पाई है। इसका सीधा असर खरीफ फसलों की बुआई और कृषि गतिविधियों पर पड़ सकता है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की शुरुआत भले ही समय से पहले हुई हो, लेकिन बारिश का वितरण असमान बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में अनुकूल मौसम तंत्र के कमजोर रहने और मानसूनी धाराओं के पर्याप्त सक्रिय नहीं होने के कारण वर्षा में कमी देखी जा रही है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है तो धान समेत अन्य खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो सकती है। झारखंड की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है और राज्य का अधिकांश खेती क्षेत्र अब भी वर्षा आधारित है। ऐसे में लगातार बारिश की कमी किसानों की आर्थिक स्थिति पर असर डाल सकती है।

मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों में तेजी आ सकती है और राज्य के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है। इसके बावजूद प्रशासन और कृषि विभाग किसानों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने तथा वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करने की सलाह दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के शुरुआती दौर में वर्षा की कमी यदि लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका असर कृषि उत्पादन, जल संसाधनों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इसलिए आने वाले सप्ताह झारखंड के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

संबंधित पोस्ट