सोशल संवाद / जमशेदपुर : झारखंड में मानसून को पहुंचे एक माह से ज्यादा हो गए, बावजूद इसके पर्याप्त बारिश नहीं हो पाई है। जून से 16 जुलाई तक राज्य में 207.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में 348.9 मिमी बार जबकि इस अवधि या १ मिमी अबतक 41 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इसका असर खरीफ फसलों, धान की रोपाई पर पड़ने लगा है।

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कोल्हान के तीनों जिले में सामान्य बारिश का आंकड़ा अभी दूर है। पूर्वी सिंहभूम में अबतक 239 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 386.6 मिमी होनी चाहिए थी। जिले में 38 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। यानी अब भी करीब 148 मिमी बारिश की जरूरत है। इसका असर धान की रोपाई और वर्षा आधारित खेती पर पड़ सकता है।
पश्चिमी सिंहभूम में 253.2 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य 339.5 मिमी है। यहां 25 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई।
गढ़वा की स्थिति खराब
राज्य में दुमका सबसे बेहतर स्थिति में है। यहां सामान्य से केवल 18 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इसके बाद सिमडेगा (21 प्रतिशत कमी) तथा रांची और सरायकेला-खरसावां (23 प्रतिशत कमी) संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं। दूसरी ओर, गढ़वा में सबसे खराब स्थिति बनी हुई है। यहां 290.7 मिमी सामान्य वर्षा के मुकाबले केवल 81 मिमी बारिश हुई हैं, जिससे 72 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई।
वहीं, सरायकेला-खरसावां में 267.4 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य 349.2 मिमी होनी चाहिए थी। यहां 23% की कमी है, जो कोल्हान में बेहतर स्थिति है।










