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झारखंड सहित देश भर से 650 से अधिक आरटीआई मांगी गई

By admin

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सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड प्रांत संगठन मंत्री शिवाजी क्रांति ने बताया कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत विगत 1974 से देश में ग्राहक जागरण, प्रबोधन, एवं प्रशिक्षण का कार्य कर रहा है, मिलावट के विरुद्ध शुद्ध का युद्ध, एमआरपी नीति, सहित जनहित के कई मुद्दों में सिस्टम करेक्शन का कार्य संस्था के द्वारा किया जा रहा है। संगठन के प्रयास से अभी हाल ही में गलत कंटेंट दिखाने वाले 18 OTT प्लेटफार्म को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा बैन किया गया।

संस्था इस समय अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मना रही है, इस नाते कुछ विषय को पूरे देश के सामने सामूहिक रूप से लाया जा रहा है।

ग्राहक पंचायत के केंद्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत मार्च महीने में राज्य एवं जिला उपभोक्ता आयोगों से आरटीआई मांगी गई। ग्राहकों के विभिन्न समस्याओं से त्वरित समाधान दिलाने के लिए उपभोक्ता आयोग का गठन किया गया है।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 में आयोग को और सशक्त करने का प्रयास किया गया है। किंतु कहीं संसाधन, तो कहीं नियुक्ति की कमी का कारण बता कर ग्राहकों के हित में समय सीमा पर कार्य नहीं कर पाने के कारण पीड़ित ग्राहकों में बढ़ते असंतुष्टि के भाव को देखते हुए संगठन ने पूरे देश भर के ग्राहक आयोगों की वस्तुस्थिति से अवगत होकर आगे की ठोस योजना बनाने हेतू ।

आरटीआई के माध्यम से ग्राहक हित में कुछ जानकारी मांगी गई है।

झारखंड में भी राज्य 13 एवं सभी 24 जिलों से 11 बिंदुओं पर ‘सूचना का अधिकार’ अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के अंतर्गत मांगी गई जानकारी का विवरण:

1.  राज्य में जिलों की   कुल संख्या।
  1. गठित जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की कुल संख्या।
  2. राज्य के आयोग में स्वीकृत अध्यक्ष और सदस्यों की और वास्तविक संख्या।
  3. राज्य के जिलों एवं राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में कार्यरत (स्थायी, संविदात्मक और प्रतिनियुक्ति पर) कर्मचारियों की स्वीकृत और वास्तविक संख्या।
  4. जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की सूची जहां अध्यक्ष का पद रिक्त है।
  5. जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की सूची जहां सदस्य का पद रिक्त है।
  6. वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के लिए राज्य और जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में…
    A. प्राप्त उपभोक्ता शिकायतों की संख्या ।
    B निस्तारित उपभोक्ता शिकायतों की संख्या ।
    C. लंबित उपभोक्ता शिकायतों की संख्या ।
  7. वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के लिए राज्य और जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के लिए आवंटित बजट और वास्तविक व्यय ।
  8. वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के लिए राज्य और जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के मध्यस्थता केंद्रों का विवरण:
    A. मध्यस्थता के लिए संदर्भित प्रकरणों की संख्या।
    B. निस्तारित प्रकरणों की संख्या।
    C. लंबित प्रकरणों की संख्या।
  9. राज्य एवं जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में उपलब्ध प्रशिक्षित मध्यस्थों की वर्तमान संख्या।
  10. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 74(5) के अनुसार त्रैमासिक रिपोर्ट और वार्षिक रिपोर्ट की प्रतियां, वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के लिए।
  11. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 42(2) के अंतर्गत गठित किए गए जिला आयोगों एवं राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की स्थापित क्षेत्रीय बेंच समूह के स्थापना के सरकारी आदेशों की प्रतियां उपलब्ध कराने हेतू
  12. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 74(1) के अंतर्गत गठित किए गए जिला आयोगों एवं राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अंतर्गत प्रत्येक मध्यस्थता केंद्र (राज्य और जिला ) की स्थापना करने वाले शासनादेश की प्रतियां उपलब्ध कराने हेतू।
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