सोशल संवाद / डेस्क : IPL 2026 से पहले भारतीय क्रिकेट के दिग्गज MS Dhoni को बड़ी राहत मिली है। Board of Control for Cricket in India के एथिक्स ऑफिसर ने उनके खिलाफ दर्ज हितों के टकराव (Conflict of Interest) से जुड़ी शिकायत को खारिज कर दिया है।
यह भी पढे : IPL 2026 Schedule: 12 मार्च तक शुरुआती 20 दिनों का शेड्यूल जारी करेगा BCCI

क्या था पूरा मामला
यह शिकायत फरवरी 2024 में दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि धोनी एक आईपीएल खिलाड़ी होने के साथ-साथ एक क्रिकेट एकेडमी से भी जुड़े हुए हैं। शिकायत में कहा गया था कि इससे बीसीसीआई के कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
एथिक्स ऑफिसर ने क्या कहा
बीसीसीआई के एथिक्स ऑफिसर Arun Mishra ने मामले की जांच के बाद कहा कि आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला। जांच में यह भी पाया गया कि जिस क्रिकेट एकेडमी से धोनी का संबंध बताया गया, उसका समझौता 2017 में हुआ था, जबकि बीसीसीआई के कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट नियम सितंबर 2018 में लागू हुए थे। इसलिए उस समय नियमों का उल्लंघन नहीं माना जा सकता।
पक्षपात या नियंत्रण का कोई सबूत नहीं
जांच में यह भी सामने आया कि धोनी के पास उस एकेडमी पर कोई संस्थागत नियंत्रण या फैसले लेने की विशेष शक्ति होने का प्रमाण नहीं मिला। साथ ही किसी प्रकार के पक्षपात, लाभ या विशेष व्यवहार का भी कोई प्रमाण नहीं पाया गया।
IPL 2026 पर रहेगा फोकस
इस फैसले के बाद धोनी अब बिना किसी विवाद के आगामी आईपीएल सीजन पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। वे फिलहाल Chennai Super Kings के लिए खेलते हैं और टीम को पांच बार आईपीएल चैंपियन बना चुके हैं। एथिक्स ऑफिसर के इस फैसले से धोनी को बड़ी राहत मिली है और आईपीएल 2026 से पहले उनके ऊपर चल रहा विवाद पूरी तरह खत्म हो गया है।










