सोशल संवाद/डेस्क : भक्ति और मानवता का अद्भुत संगम तब देखने को मिला जब एक मुस्लिम युवक ने मदीना से प्रेमा नंद जी महाराज की सेहत के लिए दुआ की। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी और लोगों के दिलों को छू लिया। प्रेमा नंद जी महाराज, जो मथुरा-वृंदावन के श्री राधेहित केलिकुंज आश्रम में उपचाराधीन हैं, कुछ समय से किडनी संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनके स्वास्थ्य की जानकारी फैलने के बाद पूरे देश में उनके लिए प्रार्थनाएँ की जाने लगीं।

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इस बीच प्रयागराज के रहने वाले सुफ़ीयान ने अपने मोबाइल में संत की तस्वीर दिखाते हुए मदीना से प्रार्थना की। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वह मदीना के पवित्र मस्जिद के सामने हाथ उठाकर दुआ कर रहे हैं। सुफ़ीयान ने कहा, “ओ अल्लाह, कृपया भारत के महान संत प्रेमा नंद महाराज को जल्दी स्वस्थ करें ताकि वे अपने भक्तों का मार्गदर्शन जारी रख सकें।” उन्होंने यह भी कहा कि संत प्रेमा नंद बहुत अच्छे इंसान हैं और उनकी सेहत के लिए प्रार्थना करना महत्वपूर्ण है।
सुफ़ीयान ने स्पष्ट किया, “हिंदू या मुस्लिम कोई मायने नहीं रखता। अच्छा और सच्चा इंसान होना सबसे महत्वपूर्ण है।” उनका यह संदेश भारतीय समाज में साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बन गया। वीडियो तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वायरल हो गया, और हजारों बार शेयर किया गया।
इस अद्भुत पहल की सराहना करते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कहा कि इस प्रकार की प्रार्थनाएँ इस्लाम के सहिष्णुता और मानवता के सिद्धांतों का पालन करती हैं। उन्होंने स्वयं भी प्रेमा नंद महाराज के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की दुआ की और कहा कि यह प्रार्थना मानवता का सशक्त उदाहरण है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे भारत की गंगा-जमुनी संस्कृति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह वीडियो साबित करता है कि धर्म भेदभाव से ऊपर उठकर अगर किसी की भलाई की इच्छाशक्ति हो तो वह समाज में सकारात्मक संदेश फैलाता है। कई लोगों ने इसे मदीना के पवित्र स्थल और वृंदावन के धार्मिक केंद्र के बीच एक आध्यात्मिक सेतु करार दिया।
आश्रम से मिली जानकारी के अनुसार प्रेमा नंद महाराज की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है। उनके भक्त और समाजजन इस सकारात्मक समाचार से राहत महसूस कर रहे हैं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
यह घटना यह दर्शाती है कि धर्म और जाति की सीमाओं से ऊपर उठकर मानवता की भावना को सर्वोपरि रखा जा सकता है। सुफ़ीयान की यह पहल एक प्रेरणा है कि चाहे कोई किसी भी धर्म या पृष्ठभूमि से क्यों न हो, अगर दिल में सच्चाई और भलाई हो तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन सकता है।
यह वीडियो न केवल प्रेमा नंद महाराज के लिए दुआ का प्रतीक बन गया है बल्कि सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश भी फैलाता है। ऐसे उदाहरण दिखाते हैं कि धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता के बावजूद लोग एक-दूसरे के लिए शुभकामनाएँ भेज सकते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैला सकते हैं।










