Responsive Full Width Slider
Advertisement 1
Advertisement 2

Gondia में गोंड राजा–गोंड रानी फैशन शो 2026 में राष्ट्रीय चयन, संस्कृति को नई पहचान

By Aditi Pandey

Published :

Follow
National Fashion Show 2026 in Gondia
Srinath Advertisement
Dayal Advertisement

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/डेस्क: महाराष्ट्र के Gondia में आयोजित “गोंड राजाल – गोंड रानी फैशन शो 2026 (सेशन-2)” ने आदिवासी संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। इस भव्य आयोजन में देशभर से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और पारंपरिक विरासत के साथ आधुनिक प्रस्तुति का अनूठा संगम देखने को मिला।

यह भी पढ़ें: मानगो में कुमकुम श्रीवास्तव की पदयात्रा, विकास और महिला सुरक्षा अहम मुद्दा

Sunrise Enclave
ASL Motors and Dilip Kia

कार्यक्रम का उद्देश्य गोंड समाज की कला, परंपरा और गौरवशाली इतिहास को व्यापक मंच प्रदान करना था। आयोजन में स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर गोंड राजा एवं गोंड रानी का चयन किया गया, जिसने समाज में उत्साह और गर्व का माहौल बना दिया।

आयोजक और विशेष अतिथि

इस आयोजन की अगुवाई प्रिया चंदन टेकाम (Royal Lady, नागपुर) ने की। उन्होंने आदिवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ने और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम में विधायक संजय भाऊपुरम मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं राजकुमार बडोले, चेतन भाऊ वारगये, विलास वट्टी और बसंत लांजेवार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजन की सफलता में पूनम टेकाम, सपना चांदेकर, समीर दुर्वे और अंशुल पांद्रे समेत कई सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

गोंड राजा और गोंड रानी का चयन

प्रतियोगिता के अंत में गोंडिया से पवन कुडमाटे को गोंड राजा और राखी उईके को गोंड रानी चुना गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधित्व करते हुए गोंड राजा और गोंड रानी का चयन किया गया, जिसने आदिवासी समाज की एकता को मजबूत संदेश दिया।

पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

कार्यक्रम की प्रमुख झलकियों में पारंपरिक गोंड पोशाक, आभूषण और आधुनिक फ्यूजन परिधानों का प्रदर्शन शामिल रहा। लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से “गोंड राजा–गोंड रानी” थीम राउंड ने पूरे आयोजन को आकर्षण का केंद्र बना दिया।

समाज में सकारात्मक संदेश

समाज के गणमान्य नागरिकों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से आदिवासी युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़ने और पहचान बनाने का अवसर मिलता है। यह कार्यक्रम केवल फैशन शो नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा।

गोंड राजाल–गोंड रानी फैशन शो 2026 को आदिवासी समाज की संस्कृति, आत्मसम्मान और पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Social Samvad Creator