सोशल संवाद/डेस्क: केंद्र सरकार ने श्रम सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पुराने 29 श्रम कानूनों को हटाकर 4 New Labour Code लागू कर दिए हैं। इन बदलावों से देश के करीब 40 करोड़ कामगारों को सीधा फायदा मिलेगा। आज़ादी के बाद श्रम व्यवस्था में यह सबसे बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है।

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नए लेबर कोड के बाद वेतन संरचना, काम के घंटे, ओवरटाइम, महिलाओं के अधिकार, ग्रेच्युटी और नौकरी सुरक्षा के नियमों में बड़े बदलाव लागू हो गए हैं।
अब कर्मचारियों को हर महीने की 7 तारीख तक वेतन मिलना अनिवार्य होगा। काम के घंटे हर हफ्ते 48 घंटे तय किए गए हैं और इससे ज्यादा काम पर डबल ओवरटाइम पे दिया जाएगा।
महिला कर्मचारियों के लिए नए प्रावधान काफी फायदेमंद हैं। अब समान काम पर समान वेतन लागू होगा और उन्हें नाइट शिफ्ट में काम की अनुमति भी मिलेगी। साथ ही 26 हफ्ते की मातृत्व अवकाश और 50 से अधिक कर्मचारियों वाली जगहों पर क्रेच सुविधा अनिवार्य की गई है।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब सिर्फ 1 साल नौकरी के बाद कर्मचारी ग्रेच्युटी के पात्र होंगे। इसके अलावा, सभी कर्मचारियों को मिनिमम वेज, पीएफ, इंश्योरेंस और सोशल सिक्योरिटी का अधिकार मिलेगा। 40 वर्ष से अधिक उम्र वाले कर्मचारी साल में एक बार फ्री हेल्थ चेकअप करा सकेंगे।
पहली बार गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स को कानूनी पहचान और PF-पेंशन जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं। सरकार का दावा है कि ये नियम नौकरी करने वालों, खासकर महिलाओं, प्राइवेट कर्मचारियों और असंगठित मजदूरों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होंगे।










