सोशल संवाद / जमशेदपुर : हाल के दिनों में देश भर में ए.सी.एवं नॉन ए.सी.स्लीपर बसों में आग लगने की अनेकों घटनाएं हुई हैं.जिसमें अनेकों यात्रियों की बस में ही मौत हो गई है. यह घटना दिल को झकझोर देने वाली एवं अमानवीयपूर्ण घटना है.
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यह अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अनुच्छेद 21 का पूर्णता उल्लंघन है. इस अनुच्छेद में किसी भी नागरिक को गरिमा पूर्ण तरीका से जीवन जीने एवं मृत्यु का अधिकार प्राप्त है. एक जीवित व्यक्ति का इस तरीका से जलकर मर जाना और मुट्ठी भर राख में तब्दील हो जाना अति संवेदनहीन एवं अमानवीय है तथा किसी भी नागरिक के गरिमा पूर्ण जिंदगी जीने एवं करने के अधिकार का हनन करता है.
उपरोक्त घटना को स्वत: संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग,भारत सरकार के सदस्य श्री प्रियांक कानूनगो ने देश के सभी राज्यों के प्रमुख सचिवों को पत्र लिखकर तत्काल सुरक्षात्मक उपाय करने का आदेश दिया है.
राष्ट्रीय मानव अधिकार संघ, भारत सरकार द्वारा प्रमाणित झारखंड मानव अधिकार संघ के अध्यक्ष,श्री मनोज किशोर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर से मिलकर प्रमुख सचिव झारखंड सरकार को प्रेषित पत्र सौंपा.
पत्र में विस्तार पूर्वक घटनाओं का कारण एवं उसके रोकथाम हेतु उपाय का उल्लेख किया गया है. झारखंड मानव अधिकार संघ यह मांग करता है कि तत्काल प्रभाव से जमशेदपुर एवं प्रदेश में संचालित सभी बसों का सेफ्टी ऑडिट किया जाए तथा इन घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसका उपाय किया जाए.
प्रतिनिधि मंडल में मनोज किशोर अध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह, महासचिव धनंजय शुक्ला, सुनील प्रकाश, श्रीवास्तव आदि शामिल थे.










