सोशल संवाद / डेस्क : देश में बढ़ती महंगाई को लेकर बीजेपी नेता और भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ का बयान चर्चा में है। निरहुआ ने महंगाई की वजह बताते हुए कहा कि देश में संसाधन सीमित हैं, जबकि आबादी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में संसाधनों पर दबाव बढ़ने के साथ महंगाई भी बढ़ती है।
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निरहुआ ने कहा कि जब से उन्हें दुनिया की समझ हुई है, तब से वह महंगाई बढ़ने की बात सुनते आ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि महंगाई पर चर्चा तो होती है, लेकिन इस बात पर ध्यान नहीं दिया जाता कि देश के संसाधन सीमित हैं और जनसंख्या लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी के पास चार लोगों के लिए संसाधन हैं और वहां 40 लोग हो जाएं, तो संसाधनों पर दबाव बढ़ेगा और इसका असर कीमतों पर भी पड़ेगा। निरहुआ के मुताबिक, जनसंख्या नियंत्रण पर ध्यान देने से महंगाई को कम करने में मदद मिल सकती है।
‘महंगाई डायन खाए जात है’ का भी किया जिक्र
अपने बयान में निरहुआ ने 90 के दशक के लोकप्रिय गीत ‘महंगाई डायन खाए जात है’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महंगाई कोई नई समस्या नहीं है और दशकों से लोग इसके बढ़ने की बात सुनते आ रहे हैं। उनके मुताबिक, महंगाई पर बात करते समय इसके पीछे मौजूद संसाधनों और आबादी के दबाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होनी चाहिए।
राहुल गांधी के बयान पर भी साधा निशाना
इसी दौरान निरहुआ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मनुस्मृति से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी विषय पर जानकारी न हो तो उस पर बोलने से पहले उसे पढ़ना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी को पहले मनुस्मृति पढ़ने की सलाह दी।
निरहुआ के इस बयान के बाद महंगाई और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है। हालांकि, महंगाई के कारण कई होते हैं, जिनमें मांग-आपूर्ति, खाद्य कीमतें, उत्पादन लागत और वैश्विक परिस्थितियां भी शामिल हैं। हालिया सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर 4.45 प्रतिशत रही थी।









