सोशल संवाद / जमशेदपुर : एनआईटी जमशेदपुर में नए सत्र के प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को रैगिंग से बचाने के लिए कड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए एंटी रैगिंग सेल और छात्र कल्याण संकाय की ओर से कार्य योजना तैयार की गई है। अब हॉस्टल से लेकर क्लासरूम तक नए छात्रों की हर गतिविधियों पर शिक्षकों की पैनी नजर रहेगी।
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संस्थान के रोस्टर के अनुसार, प्रथम वर्ष के बीटेक (ऑनर्स) के नए छात्रों की सुरक्षा और निगरानी के लिए सुबह 7.30 बजे से लेकर रात 9 बजे तक शिक्षकों और वार्डनों की विशेष ड्यूटी तय की गई है। इसके लिए एक घंटे आधारित (आवर-वाइज) एंटी रैगिंग ड्यूटी रोस्टर बनाया गया है, जिसके दायरे में विभिन्न विभागों के प्रोफेसर और फैकल्टी मेंबर्स शामिल किए गए हैं। समय-सारणी के अनुसार शिक्षक हॉस्टल-वन और गर्ल्स हॉस्टल के परिसरों में मुस्तैद रहेंगे और छात्रों को सुरक्षित रूप से हॉस्टल से क्लासरूम कॉम्प्लेक्स तक एस्कॉर्ट कर ले जाएंगे।
सुबह करीब 8.15 बजे शिक्षक नए विद्यार्थियों को उनके हॉस्टल से लेकर क्लासरूम तक पहुंचाएंगे और कक्षाएं समाप्त होने पर दोपहर करीब 12.25 बजे उन्हें वापस हॉस्टल तक लाएंगे। दोपहर बाद के सत्र में भी लगभग 1.45 बजे छात्रों को क्लासरूम तक ले जाया जाएगा और शाम करीब 6 बजे छुट्टी होने के बाद उन्हें छात्रावास तक वापस लाया जाएगा। यही नहीं, महिला हॉस्टल के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं, जहां लेडी फैकल्टी और वार्डन समन्वय बनाकर छात्राओं की सुरक्षा पर नजर रखेंगी। संस्थान के वार्डन और छात्र कल्याण प्राध्यापक ने स्पष्ट किया कि एंटी रैगिंग ड्यूटी अनिवार्य है।
एंटी रैगिंग स्क्वायड बना
संस्थान ने रैगिंग रोकने के लिए एंटी-रैगिंग स्क्वायड का गठन किया है। इसमें विभागों के वरिष्ठ प्रोफेसर को शामिल किया गया है। इनमें कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. दानिश अली खान, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. निरंजन कुमार, यांत्रिक (मैकेनिकल) इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. संजय, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग से ही प्रो. कृष्णा बिहारी यादव, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. वीरेंद्र कुमार शामिल है।










