सोशल संवाद/डेस्क : कोरियाई प्रायद्वीप में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। North Korea ने शनिवार को पूर्वी समुद्री क्षेत्र की ओर करीब दस बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह परीक्षण ऐसे समय किया गया जब South Korea और United States के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहा है। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और कई देशों ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है।
ये भी पढे : होर्मुज में फंसे भारतीय जहाजों को राहत! ईरान ने कहा– जल्द मिलेगी सुरक्षित रास्ते की खुशखबरी
दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार ये मिसाइलें प्योंगयांग के पास स्थित सुनान क्षेत्र से लॉन्च की गईं। शुरुआती आकलन के मुताबिक इनकी उड़ान लगभग 350 किलोमीटर तक रही। जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी इस लॉन्च की पुष्टि करते हुए बताया कि मिसाइलें समुद्र में गिरीं और किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
जापान ने जारी किया अलर्ट
Japan ने मिसाइल परीक्षण की जानकारी मिलते ही सतर्कता बढ़ा दी। जापान के अधिकारियों के मुताबिक सभी मिसाइलें उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र से बाहर समुद्र में गिरीं। हालांकि इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सैन्य अभ्यास के बीच हुआ परीक्षण
विश्लेषकों के अनुसार यह मिसाइल परीक्षण उस समय हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास Freedom Shield चल रहा है। यह अभ्यास 9 मार्च से शुरू होकर 19 मार्च तक जारी रहेगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों की संयुक्त सैन्य क्षमता और रक्षा तैयारियों का परीक्षण करना है।
उत्तर कोरिया लंबे समय से इन संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विरोध करता रहा है। उसका आरोप है कि ऐसे अभ्यास उसके खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी का हिस्सा होते हैं। इसी कारण वह अक्सर ऐसे अभ्यासों के दौरान मिसाइल परीक्षण कर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करता है।
निगरानी बढ़ाने का फैसला
दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा है कि मिसाइल लॉन्च के बाद उसने निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है। सियोल, वाशिंगटन और टोक्यो के बीच लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान हो रहा है ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते जवाब दिया जा सके।
क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में उत्तर कोरिया लगातार अपने मिसाइल और हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है। 2019 में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत ठप पड़ने के बाद से प्योंगयांग ने कई बार मिसाइल परीक्षण किए हैं।
हाल के दिनों में यह भी चर्चा है कि दक्षिण कोरिया में अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणालियों, जैसे THAAD और Patriot missile system, को फिर से तैनात किया जा सकता है। हालांकि सियोल ने कहा है कि यह कदम केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाया जा सकता है।
संवाद की कोशिशें भी जारी
तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। हाल ही में दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री ने वाशिंगटन में Donald Trump से मुलाकात की। इस बैठक में उत्तर कोरिया के साथ रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने के विकल्पों पर चर्चा की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा मिसाइल परीक्षण को शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कूटनीतिक संवाद बेहद जरूरी माना जा रहा है। फिलहाल, उत्तर कोरिया की इस कार्रवाई ने एक बार फिर वैश्विक सुरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।









