सोशल संवाद / डेस्क / रिपोर्ट-संजय सिन्हा : केंदुझर जिले के पाटना थाना क्षेत्र के भाई द्वारा बहन का कंकाल लेकर बैंक ले जाने की वीडियो वायरल होने के बादप्रशासनिक अमले मे खलबली मच गई ,आनन फानन मे BDO,एडिशनल तहसीलदार एवं आर आई की टीम जीतु के गाँव पहुंची ,जो कागज महिनो से नही बन रहा था,अब वो चंद मिनटों मे सारी कागज बन गया।बैंक के द्वारा पैसा दिए जाने के बाद प्रशासन ने भी मानवता दिखाते हुए रेड क्रास से 20हजार रुपये दिलाऐ ,ताकि जीतु अपनी मृतक बहन का अंतिम संस्कार सम्मान पूर्वक कर सके।
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इस घटना ने समाज मे एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया कि किसी गरीब को हक पाने के लिए वायरल होना पड़ेगा।जहां एक और इस घटना ने बैंक प्रणाली एवं ग्रामीण प्रशासन के कार्यशैली पर एक बड़ा सबक है,आरबीआई का नियम कहता है,कि 50हजार तक के क्लेम के लिए सिर्फ सरपंच का वेरिफिकेशन या दो गवाही काफी होते है,परंंतु संवेदनशीलता कमी ने एक भाई को बहन का कंकाल उठाने को बाध्य कर दिया।और वीडियो ने सिस्टम को झुका दिया,लेकिन यह सवाल आज भी खड़ा है,कि किसी गरीब को हक पाने के लिए अगनिपरीक्षा देनी पड़ेगी।










