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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जिला महिला कांग्रेस ने मानसिक स्वास्थ्य पर परिचर्चा का किया आयोजन

By Tamishree Mukherjee

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सोशल संवाद /जमशेदपुर: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पूर्वी सिंहभूम महिला कांग्रेस की अध्यक्ष नलिनी सिन्हा के नेतृत्व में बिष्टुपुर तिलक पुस्तकालय परिसर में ‘महिलाएं और उनका मानसिक स्वास्थ्य’ पर एक परिचर्चा का आयोजन हुआ.इस परिचर्चा में कोल्हान विश्वविद्यालय की पूर्व वीसी शुक्ला मोहंती, साइकोलाॅजिकल काउंसिलर अजिताभ गौतम, अधिवक्ता सोमा दास, जिलाध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे, प्रदेश कांग्रेस की महासचिव उषा सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बलजीत सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देबू व अन्य ने भाग लिया.

इस मौके पर साइकोलाॅजिकल काउंसिलर अजिताभ गौतम ने कहा कि शरीर के रोगों के प्रति तो हम काफी जागरुक होते हैं,मगर मन के रोगों को नजरअंदाज कर देते हैं जो आगे चल कर इंसान को गहरे अवसाद और अन्य जटिल मनोरोगों की तरफ ले जाता है.इसलिए जागरुकता बहुत जरुरी है.हालांकि मन के इलाज के लिए मनोवैज्ञानिक के पास जाना आज भी कलंक से जोड़कर देखा जाता है.सोशल स्टिग्मा की वजह से लोग मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के पास जाने से कतराते हैं.अजिताभ ने खुले सेशन में महिलाओं को डिप्रेशन व एक्जाइटी के लक्षण और उपचार के विषय में बताया.

परिचर्चा की मुख्य अतिथि सह कोल्हान विश्वविद्यालय की पूर्व वीसी डाॅ शुक्ला मोहंती ने अपने संबोधन में कहा कि हर महिला प्रतिभावान होती है.बस अपने हुनर को पहचानने और निखारने के लिए कदम बढाने की जरुरत होती है.

बलजीत सिंह ने कहा कि पहले लड़कियों के जन्म पर लोग दुखी हो जाते थे मगर आज हालात काफी बदले हैं.फिर भी आज भी बेटियों के साथ भेदभाव होता है जो नहीं होना चाहिए.उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर लगातार कार्यक्रम होने चाहिए ताकि इस विषय पर महिलाओं में जागरुकता पैदा हो.

जिलाध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर होनेवाले कार्यक्रमों पर जोर देते हुए इसे निहायत ही जरुरी बताया.एडवोकेट सोमा दास ने बताया कि कोर्ट में भी एक महिला एडवोकेट के लिए कम चुनौतियां नहीं होती हैं.अक्सर उन पर छींटाकशी भी की जाती है.ऐसे हालात में मन पर बुरा असर पड़ता है.उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर महिलाओं में जागरुकता पैदा करने पर बल दिया.

पत्रकार अन्नी अमृता ने अपने पत्रकारिता जीवन की चुनौतियों को साझा करते हुए बताया कि कैसे क्राइम रिपोर्टिंग के वातावरण मन को प्रभावित करते हैं.लगातार भागदौड़ शरीर और मन को बीमार कर देते हैं.ऐसे में शरीर और मन दोनों का ख्याल रखना ही पड़ता है.एक तरह से बार बार खुद को रीचार्ज करना पड़ता है.मानसिक स्वास्थ्य की कीमत पर करियर ग्रोथ नहीं किया जाना चाहिए.उन्होंने महिलाओं को सलाह दी कि वे योग व ध्यान के जरिए अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें और जरुरत पड़ने पर काउंसिलर की सलाह लेने से न हिचकें.

कार्यक्रम का संचालन पूर्व सिंहभूम जिला कांग्रेस अध्यक्ष नलिनी सिन्हा ने किया.वहीं उषा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया.सबने मिलकर संकल्प लिया कि वे सिर्फ शरीर ही नहीं मन का भी ख्याल रखेंगी.

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