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हफ्ते में सिर्फ 2 घंटे की फिजिकल एक्टिविटी से घट सकता है Breast Cancer का खतरा, नई स्टडी में खुलासा

By Muskan Thakur

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सोशल संवाद/डेस्क : आज के डिजिटल और आरामदायक जीवनशैली के दौर में शारीरिक गतिविधि की कमी एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है। खासतौर पर किशोरियों में खेल-कूद और व्यायाम से दूरी भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इसी बीच एक नई वैज्ञानिक स्टडी ने Breast Cancer Prevention को लेकर बेहद अहम जानकारी सामने रखी है। शोध में दावा किया गया है कि हफ्ते में केवल दो घंटे की नियमित फिजिकल एक्टिविटी किशोरियों में आगे चलकर स्तन कैंसर के खतरे को कम कर सकती है।

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यह अध्ययन अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी मेलमैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ द्वारा किया गया है और इसके नतीजे अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल ‘Breast Cancer Research’ में प्रकाशित हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह रिसर्च भविष्य में महिलाओं की सेहत को लेकर एक महत्वपूर्ण दिशा तय कर सकती है।

क्या कहती है नई रिसर्च?

शोधकर्ताओं के मुताबिक, किशोरावस्था में की जाने वाली मनोरंजक शारीरिक गतिविधियां (Recreational Physical Activity) केवल वजन नियंत्रण या फिटनेस तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि वे स्तन ऊतकों की संरचना और शरीर में तनाव से जुड़े जैविक संकेतकों पर भी सीधा असर डालती हैं। अध्ययन में शामिल किशोरियों के डेटा का विश्लेषण करने पर पाया गया कि जो लड़कियां सप्ताह में कम से कम दो घंटे एक्सरसाइज, खेल या शारीरिक गतिविधि करती हैं, उनमें स्तन कैंसर से जुड़े कई जोखिम कारक कम दिखाई देते हैं।

सिर्फ 2 घंटे की एक्सरसाइज क्यों है असरदार?

रिसर्च के निष्कर्षों के अनुसार, सीमित लेकिन नियमित फिजिकल एक्टिविटी से शरीर में सकारात्मक बदलाव आते हैं। अध्ययन में पाया गया कि

  • एक्सरसाइज करने वाली किशोरियों में स्तन ऊतकों में पानी की मात्रा कम थी
  • पानी की कम मात्रा Low Breast Density का संकेत देती है
  • कम स्तन घनत्व को मेडिकल साइंस में ब्रेस्ट कैंसर के कम जोखिम से जोड़ा जाता है
  • शारीरिक रूप से सक्रिय लड़कियों में तनाव से जुड़े यूरिनरी बायोमार्कर्स भी कम पाए गए

विशेषज्ञों का कहना है कि तनाव और हार्मोनल असंतुलन कैंसर जैसी बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकते हैं, ऐसे में एक्सरसाइज एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करती है।

वजन नहीं, एक्टिविटी है असली वजह

इस अध्ययन की सबसे खास बात यह है कि शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि एक्सरसाइज से मिलने वाले ये फायदे शरीर के वजन या चर्बी पर निर्भर नहीं करते। यानी दुबली या मोटी हर किशोरी के लिए फिजिकल एक्टिविटी फायदेमंद है। व्यायाम सीधे तौर पर स्तन ऊतकों की बनावट को प्रभावित करता है, जिससे कैंसर का खतरा कम हो सकता है।

यह रिसर्च पहले से मौजूद उन अध्ययनों का भी समर्थन करती है, जिनमें बताया गया था कि नियमित शारीरिक गतिविधि से मैमोग्राफिक ब्रेस्ट डेंसिटी घटती है, जो स्तन कैंसर का एक प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है।

विशेषज्ञों की राय

कोलंबिया यूनिवर्सिटी की सहायक प्रोफेसर डॉ. रेबेका केहम के अनुसार, मौजूदा समय में कम उम्र की महिलाओं में भी स्तन कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, जबकि किशोरियों में फिजिकल एक्टिविटी का स्तर लगातार गिर रहा है। ऐसे में यह अध्ययन बेहद समयानुकूल और जरूरी है।

उनका कहना है कि किशोरावस्था वह दौर होता है जब शरीर में हार्मोनल और टिश्यू स्तर पर बड़े बदलाव होते हैं। इस उम्र में अपनाई गई हेल्दी आदतें आगे चलकर गंभीर बीमारियों से बचाव में मदद कर सकती हैं।

माता-पिता और स्कूलों के लिए जरूरी संदेश

विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरियों को भारी वर्कआउट या जिम जाने की जरूरत नहीं है। हफ्ते में सिर्फ दो घंटे की हल्की-फुल्की गतिविधि जैसे तेज चलना, साइकलिंग, डांस, खेलना या योग भी लंबे समय में बड़ा फायदा पहुंचा सकती है। स्कूलों और अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को स्क्रीन टाइम से बाहर निकालकर सक्रिय जीवनशैली के लिए प्रेरित करें।

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