सोशल संवाद / रांची : झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) दोबारा कराई जाएगी। मामले की सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार को आदेश दिया कि जेट परीक्षा आयोजित कराने के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) को अधियाचना भेजी जाए।
यह भी पढ़े : ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए बड़ी खबर, 18 सितंबर से जिले के सभी प्रखंडों में लगेंगे विशेष शिविर
चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सुनवाई के दौरान जेपीएससी को निर्देश दिया कि सरकार से अधियाचना मिलने के छह माह के अंदर परीक्षा आयोजित कर उसका परिणाम प्रकाशित किया जाए। अदालत रांची विश्वविद्यालय समेत राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में लेक्चरर की नियुक्ति से संबंधित अनिकेत ओहदार की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई कर रही थी।
इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार ने झारखंड पात्रता परीक्षा रद्द कर दी है। इस पर कोर्ट ने कहा कि सरकार की ओर से झारखंड पात्रता परीक्षा रद्द किए जाने के आदेश को किसी ने हाईकोर्ट में चुनौती नहीं दी है। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार जेट परीक्षा के आयोजन के लिए नए सिरे से अधियाचना जेपीएससी को भेजे।
याचिका में अदालत से आग्रह किया गया है कि विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर संविदा व्यवस्था समाप्त कर नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने का निर्देश राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को दिया जाए। पूर्व में जेपीएससी की ओर से बताया गया कि झारखंड पात्रता परीक्षा वर्ष 2024 में संपन्न हो चुकी है, लेकिन इसका परिणाम अभी जारी नहीं किया जा सका है। आयोग की ओर से अदालत को बताया गया कि मॉडल आंसर-की जारी कर अभ्यर्थियों से आपत्तियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान कुछ तकनीकी एवं प्रक्रियागत कठिनाइयां उत्पन्न होने के कारण आगे की प्रक्रिया फिलहाल पूरी नहीं हो सकी है।
जेपीएससी अध्यक्ष-सदस्यों की नियुक्ति दो महीने में करें
झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया दो माह के भीतर पूरी करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई गुरुवार को कोर्ट ने निर्देश दिया कि सरकार 18 नवंबर तक अनुपालन रिपोर्ट दे। वन विभाग में अधिकारी-कर्मी की कमी से संबंधित मामले में स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई के क्रम में कोर्ट ने यह आदेश दिया। सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहितश्य राय व अधिवक्ता विभोर मयंक ने कोर्ट को बताया कि जेपीएससी अध्यक्ष-सदस्यों की नियुक्ति दो माह में पूरी करने की संभावना है।
विश्वविद्यालयों में नियमित नियुक्ति को लेकर दी है अर्जी
अनिकेत ओहदार एवं अन्य की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि राज्य के विश्वविद्यालयों, विशेषकर रांची विश्वविद्यालय में लंबे समय से एसोसिएट प्रोफेसरों तथा शिक्षकेतर कर्मचारियों के नियमित पद रिक्त हैं। इन पदों पर नियमित नियुक्ति के बजाय संविदा के आधार पर नियुक्तियां की जा रही हैं, जो नियमानुसार नहीं है।
आंसर-की जारी करने की हो चुकी थी तैयारी
सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता अभय प्रकाश ने अदालत को बताया था कि जेट आयोजित की जा चुकी थी और आयोग की ओर से आंसर-की जारी करने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान जेपीएससी के अध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद आयोग में जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई। इसी बीच राज्य सरकार ने झारखंड पात्रता परीक्षा का विज्ञापन रद्द कर दिया। सरकार के इस निर्णय के बाद परीक्षा की आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी।










