सोशल संवाद/डेस्क: देश की राजधानी दिल्ली में किशोरवय बच्चों के लापता होने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है। पिछले दस वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, करीब 50 हजार से ज्यादा बच्चे गायब हुए, जिनमें बड़ी संख्या किशोरियों की बताई जा रही है।
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पुलिस की कार्रवाई और खोजबीन के बावजूद हजारों बच्चे अब तक नहीं मिल पाए हैं। सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि एनसीआर के कई शहरों में भी ऐसे मामलों की खबरें सामने आती रहती हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है। ऐसे हालात में सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना बेहद जरूरी हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टफोन में मौजूद Emergency SOS फीचर आपात स्थिति में काफी मददगार साबित हो सकता है। इस फीचर के जरिए खतरे की स्थिति में कुछ ही सेकंड में लोकेशन और अलर्ट चुने गए कॉन्टैक्ट्स तक पहुंच जाता है, और जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी कॉल भी की जा सकती है।
एंड्रॉयड और आईफोन दोनों में यह सुविधा उपलब्ध है, जिसे फोन की सेटिंग में जाकर आसानी से सक्रिय किया जा सकता है। फीचर ऑन होने के बाद पावर बटन को तय संख्या में दबाकर तुरंत मदद के लिए अलर्ट भेजा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते अपराध और गुमशुदगी के मामलों के बीच ऐसे सेफ्टी टूल्स लोगों को सतर्क और सुरक्षित रहने में मदद कर सकते हैं। जागरूकता और सावधानी ही इस तरह की घटनाओं से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मानी जा रही है।










