सोशल संवाद/डेस्क : उत्तर प्रदेश के Mathura में ईद के दिन एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके का माहौल तनावपूर्ण कर दिया। छाता क्षेत्र में गौसेवक बाबा चंद्रशेखर महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रक से कुचलकर मौत हो गई, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने सड़क पर उतरकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

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घटना के बाद लोगों ने इसे हादसा मानने से इनकार कर दिया और इसे सुनियोजित हत्या बताया। आक्रोशित भीड़ ने NH-19 (Delhi-Agra Highway) को जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि बाबा चंद्रशेखर महाराज को इलाके में गौ-तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद वे अपनी टीम के साथ संदिग्ध ट्रक का पीछा कर रहे थे। इसी दौरान नवीपुर के पास यह घटना हुई, जिसमें ट्रक ने उन्हें कुचल दिया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और पुलिस पर पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। हालात को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आरोपी ट्रक चालक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। कुछ लोगों ने तो यहां तक मांग कर दी कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, यहां तक कि एनकाउंटर किया जाए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर दी गई है, ताकि कोई भी आरोपी फरार न हो सके।
इस घटना ने ब्रज क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। बाबा चंद्रशेखर महाराज अपने निडर स्वभाव और गौसेवा के लिए स्थानीय स्तर पर काफी प्रसिद्ध थे। उनकी मौत की खबर से उनके समर्थकों में गहरा आक्रोश और शोक देखा जा रहा है।
प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है और भरोसा दिला रहा है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हालात नियंत्रण में लाने की कोशिश जारी है, लेकिन इस घटना ने कानून-व्यवस्था और संवेदनशील मुद्दों को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।









