सोशल संवाद/डेस्क: Pakistani ने रविवार 22 फरवरी को अफगानिस्तान की सीमा के भीतर कई ठिकानों पर हवाई हमले किए। ये हमले डूरंड लाइन से सटे पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में किए गए, जहां पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाया।

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सूत्रों के अनुसार, पक्तिका प्रांत के बरमल और उरघुन जिलों में कई विस्फोट दर्ज किए गए। मरघा क्षेत्र में अंतराल के साथ धमाकों की आवाजें सुनी गईं। बरमल जिले के बनुसी इलाके में एक धार्मिक मदरसे को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक रिपोर्टों में कम से कम 28 टीटीपी लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया है, हालांकि पाकिस्तान की ओर से विस्तृत आधिकारिक विवरण साझा नहीं किया गया। काबुल की तरफ से भी तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
बताया जा रहा है कि इस अभियान में कुल आठ ठिकानों को टारगेट किया गया। अफगान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नंगरहार प्रांत के खोगयानी, बहसूद और घनी खेल जिलों में भी हवाई हमले हुए। कुछ रिपोर्टों में घनी खेल और गरदा सामिया क्षेत्रों में 17 लोगों की मौत की आशंका जताई गई है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई “चयनित सैन्य कार्रवाई” थी। उनके मुताबिक, टीटीपी और उसके सहयोगी संगठनों के सात शिविरों को निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा क्षेत्र में सक्रिय एक अन्य चरमपंथी गुट को भी टारगेट किया गया।
हालिया आत्मघाती हमलों की पृष्ठभूमि
अफगानिस्तान में ये एयरस्ट्राइक ऐसे समय पर हुई हैं, जब पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में हाल के दिनों में कई बड़े आत्मघाती हमले हुए। खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में एक सुरक्षा चौकी पर विस्फोटकों से लदे वाहन से हमला किया गया, जिसमें 11 सैनिकों और एक बच्चे की मौत हो गई।
इसके अलावा बन्नू जिले में भी सुरक्षा काफिले को निशाना बनाते हुए आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल सहित दो सैनिक मारे गए। इन घटनाओं के बाद पाकिस्तानी सेना ने स्पष्ट संकेत दिए थे कि वह जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी, चाहे वे कहीं भी छिपे हों।
टीटीपी और अफगानिस्तान पर आरोप
इस्लामाबाद का आरोप है कि Tehrik-i-Taliban Pakistan अफगानिस्तान की धरती से संचालित होता है और वहां से पाकिस्तान में हमलों की साजिश रचता है। हालांकि टीटीपी और काबुल दोनों इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि उसके पास हालिया हमलों को लेकर ठोस सबूत हैं, जो अफगानिस्तान में बैठे नेतृत्व के निर्देश पर रचे गए। बयान में तथाकथित ‘फितना अल खवारिज़’ और Islamic State Khorasan Province (ISKP) का भी जिक्र किया गया।
बढ़ता सीमा तनाव
अक्टूबर 2025 से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। सीमा पर झड़पों और पारस्परिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच कतर की मध्यस्थता से संघर्षविराम की कोशिशें हुईं, लेकिन कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने हालिया बयान में कहा है कि अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वह सभी विकल्प खुले रखेगा। वहीं अफगानिस्तान के साथ रिश्ते अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बढ़ते सीमा विवाद पर टिकी हुई है।










