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स्टाइपेंड और हॉस्टल की मांग को लेकर सड़क पर उतरे पारा मेडिकल छात्र, स्वास्थ्य मंत्री से की मुलाकात

By Sanjana Das

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स्टाइपेंड और हॉस्टल की मांग को लेकर सड़क पर उतरे पारा मेडिकल छात्र, स्वास्थ्य मंत्री से की मुलाकात
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सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड के सरकारी पारा मेडिकल संस्थानों के छात्रों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। पारा मेडिकल स्टाफ एसोसिएशन के बैनर तले करीब 50 छात्र शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के कार्यालय पहुंचे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। छात्रों की मुख्य मांग एमबीबीएस इंटर्न की तरह स्टाइपेंड देने और सभी सरकारी पारा मेडिकल संस्थानों में छात्रावास (हॉस्टल) की व्यवस्था करने की है।

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प्रदर्शन के बाद छात्रों ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इसके अलावा उन्होंने राज्य के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार से भी मुलाकात कर मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।

नेपाल हाउस के बाहर किया प्रदर्शन

छात्र रांची स्थित नेपाल हाउस में स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय पहुंचे थे। काफी देर तक मुलाकात नहीं होने पर उन्होंने कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। बाद में स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं।छात्रों ने मंत्री को बताया कि धनबाद मेडिकल कॉलेज में पारा मेडिकल छात्रों के लिए छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर सहित कई पुराने संस्थानों में आज तक हॉस्टल के लिए जमीन तक चिन्हित नहीं की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

छात्रों की बात सुनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा से फोन पर बात की। उन्होंने हॉस्टल की प्रक्रिया में देरी पर नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द छात्रों के लिए छात्रावास का प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश दिया।मंत्री ने स्टाइपेंड की मांग पर भी सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि इस संबंध में फाइल आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि जल्द निर्णय लिया जा सके।

अपर मुख्य सचिव ने भी दिया भरोसा

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार ने छात्रों को बताया कि स्टाइपेंड से जुड़ी फाइल पहले भी विभाग में आई थी। उन्होंने कहा कि अब उसकी समीक्षा की जाएगी और जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा।इस आश्वासन के बाद छात्रों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर जल्द फैसला करेगी।

एसोसिएशन ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

पारा मेडिकल स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष रामवृक्ष महतो ने कहा कि राज्य में सरकारी पारा मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन छात्रों को अब तक स्टाइपेंड की सुविधा नहीं मिल रही है।उन्होंने बताया कि वर्तमान में फुलो-झानो मेडिकल कॉलेज (दुमका), शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज (हजारीबाग), नीलांबर-पीतांबर मेडिकल कॉलेज (पलामू), रिम्स (रांची), एमजीएम मेडिकल कॉलेज (जमशेदपुर) और शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज (धनबाद) में राजकीय पारा मेडिकल संस्थान संचालित हैं।रामवृक्ष महतो ने कहा कि यदि सरकार जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लेती है, तो राज्य के सभी सरकारी पारा मेडिकल संस्थानों के छात्र एकजुट होकर आंदोलन को और तेज करेंगे।

छात्रों की दो प्रमुख मांगें

  • छात्रों का कहना है कि—
  • एमबीबीएस इंटर्न की तर्ज पर पारा मेडिकल छात्रों को भी स्टाइपेंड दिया जाए।

सभी सरकारी पारा मेडिकल संस्थानों में छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।छात्रों का मानना है कि इन दोनों सुविधाओं के अभाव में उन्हें पढ़ाई और प्रशिक्षण के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।

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