सोशल संवाद/डेस्क : भारत में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा एक अहम फैसला संसद में हो गया है। गुरुवार को संसद ने SHANTI विधेयक को मंजूरी दे दी, जिससे अब इस क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी संभव हो सकेगी। यह क्षेत्र अब तक पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में था।

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सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (SHANTI) बिल को पहले लोकसभा में बुधवार को पारित किया गया था और गुरुवार को राज्यसभा ने भी इसे ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। इस विधेयक का मकसद देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल को और मजबूत बनाना है।
क्या बोले केंद्रीय मंत्री
परमाणु ऊर्जा विभाग के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि परमाणु ऊर्जा एक 24/7 भरोसेमंद बिजली स्रोत है। उन्होंने बताया कि दूसरी नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की तुलना में परमाणु ऊर्जा लगातार बिजली देने में सक्षम है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि इस क्षेत्र में निजी भागीदारी के बावजूद सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार के मुताबिक मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लागू रहेगी।
रेडिएशन को लेकर क्या कहा गया
विधेयक पर चर्चा के दौरान रेडिएशन को लेकर उठी चिंताओं पर मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अब तक जनता को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी रेडिएशन घटना की कोई रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल में सभी जरूरी सावधानियां बरती जाती रहेंगी।










