सोशल संवाद / डेस्क : पटना के डाक बंगला चौराहे पर बुधवार को RJD के राजभवन मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई. राजभवन की ओर बढ़ रहे हजारों कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी. प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई. तिरंगा हाथ में लिए कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे और पुलिस की बैरिकेडिंग के सामने डटे रहे.
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बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश, सड़क पर लेटे कार्यकर्ता
RJD कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग को पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई. हंगामे के बीच कई प्रदर्शनकारी सड़क पर ही लेट गए और डाक बंगला चौराहे को घेर लिया.
कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस उन्हें रोकने के लिए चाहे जितनी कोशिश कर ले, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं. प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि वे राजभवन की ओर आगे बढ़ने के लिए सड़क पर उतरे हैं और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे.
पुलिस पर बर्बरता का आरोप
प्रदर्शन में शामिल एक कार्यकर्ता ने पुलिस पर मनमानी और बर्बरता का आरोप लगाया. उसका दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उसका कॉलर पकड़कर खींचा और डंडों से मारपीट की. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे छात्रों और युवाओं के अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे हैं.
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बिहार पुलिस अपराधियों और बलात्कार के आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को रोकने में ताकत लगा रही है. हालांकि, ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं.
नौकरी और रोजगार के मुद्दे पर प्रदर्शन
RJD कार्यकर्ताओं के मुताबिक, राजभवन मार्च का मुख्य मुद्दा छात्रों के अधिकार, नौकरी और रोजगार है. उनका कहना है कि जब सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर अपनी आवाज उठाना उनका अधिकार है.
डाक बंगला चौराहे पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा. कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग के सामने डटे रहे. वहीं पुलिस की ओर से उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश जारी रही.









