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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पवन खेड़ा का मोदी सरकार पर हमला, बोले- छात्रों की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई

By Riya Kumari

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पवन खेड़ा का मोदी सरकार पर हमला, बोले- छात्रों की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई

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सोशल संवाद/नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने कहा कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों के लंबे संघर्ष की जीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था, लगातार हो रहे पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है।

नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पवन खेड़ा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान उस व्यवस्था का प्रतीक थे, जिसने देश के युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम के खिलाफ है, जिसने छात्रों को निराशा और संकट की स्थिति में पहुंचाया।

‘छात्रों की लड़ाई अभी जारी रहेगी’

पवन खेड़ा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद छोड़ना छात्रों के संघर्ष की एक महत्वपूर्ण जीत है, लेकिन यह आंदोलन का अंत नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर रोक और युवाओं को न्याय मिलने तक कांग्रेस अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

उनके मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं और निराशा के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार व्यवस्था की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

पीएम मोदी से माफी की मांग

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलनों के दौरान युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आई खामियों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

खेड़ा ने मांग की कि 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस, वॉटर कैनन, शॉक बैटन और पैलेट गन का इस्तेमाल किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए कहा कि अपने भविष्य को लेकर आवाज उठा रहे छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ भी पुलिस ने दुर्व्यवहार किया।

‘यह अंत नहीं, नई शुरुआत है’

राहुल गांधी के बयान का हवाला देते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि यह लड़ाई देश के भविष्य की है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के खिलाफ जनता में असंतोष बढ़ रहा है और यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया पोस्ट पर भी निशाना साधते हुए कहा कि केवल सोशल मीडिया पर युवाओं को संबोधित करने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में युवाओं के साथ खड़ी है, तो उसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

राजनीतिक माहौल गरमाया

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस लगातार इसे अपनी राजनीतिक और वैचारिक जीत बता रही है। वहीं, इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शिक्षा, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बने रह सकते हैं।

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